' वाह! नेताजी, कमाल हुई गौ'- LPG कालाबाजारी का बड़ा मामला, सपा नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 भरे सिलेंडर बरामद।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। पुलिस को गोपनीय सूचना मिलने के बाद समाजवादी
- गोपनीय सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी, 2 हजार रुपये तक में बिक रहे थे सिलेंडर
- जांच में गैस गोदाम कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका, प्रशासन ने शुरू की गहन जांच
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। पुलिस को गोपनीय सूचना मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता अब्दुल रेहान के घर पर 12 मार्च 2026 को छापेमारी की गई। इस दौरान उनके आवास से 55 भरे हुए घरेलू LPG सिलेंडर और कई खाली सिलेंडर बरामद किए गए। स्थानीय लोगों के अनुसार ये सिलेंडर बाजार में 1800 से 2000 रुपये तक की ऊंची कीमत पर बेचे जा रहे थे, जबकि सरकारी दर पर घरेलू सिलेंडर की कीमत 800 से 900 रुपये के आसपास है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से LPG सप्लाई चेन प्रभावित है और कई इलाकों में वाणिज्यिक सिलेंडरों की कमी के साथ पैनिक बुकिंग देखी जा रही है। पुलिस ने अब्दुल रेहान और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 420, 120बी और आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
छापेमारी की कार्रवाई हापुड़ पुलिस की विशेष टीम ने की, जिसमें गोपनीय सूचनाकर्ता ने बताया कि अब्दुल रेहान के घर पर बड़ी संख्या में सिलेंडर जमा किए जा रहे हैं। पुलिस टीम ने सुबह करीब 6 बजे उनके आवास पर पहुंचकर तलाशी ली और 55 भरे हुए सिलेंडर बरामद किए। ये सिलेंडर मुख्य रूप से घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम वाले थे, जो वाणिज्यिक उपयोग या कालाबाजारी के लिए इकट्ठा किए गए थे। साथ ही कई खाली सिलेंडर भी मिले, जो संभवतः रिफिल के लिए रखे गए थे। पुलिस ने सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये सिलेंडर किस गोदाम से आए और किस तरह वितरित होने वाले थे। अब्दुल रेहान ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि सिलेंडर उनके व्यक्तिगत उपयोग और रिश्तेदारों के लिए थे, लेकिन पुलिस इसे कालाबाजारी मानकर आगे की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में घरेलू सिलेंडर की कमी महसूस की जा रही थी, जबकि कुछ लोग ऊंची कीमत पर सिलेंडर आसानी से प्राप्त कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार अब्दुल रेहान के घर से बरामद सिलेंडरों की कीमत बाजार में 2 हजार रुपये तक पहुंच रही थी। यह कालाबाजारी ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता देने के लिए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और निर्यात सीमित करने के निर्देश दिए थे। हापुड़ में वाणिज्यिक सिलेंडरों की कमी से होटल और रेस्तरां प्रभावित हुए हैं, लेकिन घरेलू स्तर पर भी कुछ इलाकों में डिलीवरी में देरी देखी गई। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कालाबाजारी से पैनिक बुकिंग और अफवाहें बढ़ी हैं, जिससे आम उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।
जांच में अब तक यह सामने आया है कि बरामद सिलेंडर विभिन्न गोदामों से प्राप्त किए गए थे। पुलिस ने गैस एजेंसियों और गोदामों के कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिलेंडरों का डायवर्शन कैसे हुआ। संभावना जताई जा रही है कि कुछ गोदाम कर्मचारी या डिस्ट्रीब्यूटर मिलीभगत में शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने घरेलू सिलेंडरों को वाणिज्यिक उपयोग या कालाबाजारी के लिए डायवर्ट किया। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत घरेलू सिलेंडरों का गलत उपयोग या ऊंची कीमत पर बिक्री दंडनीय अपराध है। पुलिस ने अब्दुल रेहान के परिसर से मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी जब्त की है, जिनकी जांच से सिलेंडरों के स्रोत और वितरण नेटवर्क का पता लग सकता है।
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और हापुड़ के जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी गैस गोदामों और एजेंसियों की जांच की जाए। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स से सिलेंडर बुक करें। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला LPG संकट के दौरान कालाबाजारी की बढ़ती घटनाओं में से एक है, जहां लाभ कमाने के लिए कुछ लोग घरेलू उपयोग के सिलेंडरों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
What's Your Reaction?











