Saras Mahotsav 2026: महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही हैं स्वयं सहायता समूह की ‘दीदियां’ – केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में आयोजित  सरस महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर कहा कि स्वयं सहायता

Mar 14, 2026 - 23:57
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Saras Mahotsav 2026: महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही हैं स्वयं सहायता समूह की ‘दीदियां’ – केशव प्रसाद मौर्य
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही हैं स्वयं सहायता समूह की ‘दीदियां’ – केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में आयोजित  सरस महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर कहा कि स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं आज प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।श्री केशव प्रसाद मौर्य परेड मैदान प्रयागराज मे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित दस दिवसीय सरस मेला का शुभारम्भ करने के उपरांत महोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। जो महिलाएं पहले घर की चाहरदीवारी तक सीमित रहती थीं, आज वे अपने परिश्रम और उद्यमिता से परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव और समाज में सम्मान प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ी है और उन्हें परिवार तथा समाज में पहले से अधिक सम्मान मिल रहा है। श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या को 1करोड. 10 लाख से बढ़ाकर 3 करोड़ तक पहुंचाना है। साथ ही प्रदेश में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’  बनाना है। उन्होंने कहा कि देश के यशश्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में छह करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का संकल्प लिया गया है, जिसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को उद्योग स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और अनुदान उपलब्ध करा रही है। यदि कोई समूह 5 करोड़ रुपये की लागत से कोई फैक्ट्री या उत्पादन इकाई स्थापित करता है, तो उसे 1 करोड़ 75 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए 90 प्रतिशत  की अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।  जिससे महिलाएं बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित कर सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज कपड़ा निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, कैंटीन संचालन, परिवहन तथा अन्य कई प्रकार के उद्यमों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है और महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं केवल छोटे स्तर तक ही सीमित न रहें, बल्कि उन्हें उद्योग, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाए। सरस महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होती है।

श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में हुए व्यापक सुधार के कारण महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिला है। अपराधियों और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के चलते महिलाएं निर्भय होकर आगे बढ़ रही हैं और अपने उद्यमों को विकसित कर रही हैं। सरकार के सहयोग से ये महिलाएं तेजी से “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि समाज में उनका सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं केवल छोटे स्तर तक ही सीमित न रहें, बल्कि उन्हें उद्योग, उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाए। सरस महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होती है।

जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त होगा। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य कर रही है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सरस महोत्सव में विभिन्न  स्थानो से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, वस्त्र एवं अन्य घरेलू उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने अत्यंत सराहा


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प लिया गया है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और सरकार उनके हर कदम पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की इस मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा प्रदेश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाने में सहभागी बनें।

इस अवसर पर सांसदगण रवि किशन , प्रवीण पटेल ,महापौर गणेश केसरवानी , जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह , विधान परिषद के मा. सदस्यगण डॉ. के. पी. श्रीवास्‍तव , सुरेंद्र चौधरी ,विधायकगण दीपक पटेल , पियूष रंजन निषाद , भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता , भाजपा जिलाध्यक्षगण राजेश शुक्ल , निर्मला पासवान ,मिशन निदेशक ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, सीडीओ प्रयागराज, हर्षिका सिह
प्रतिष्ठित कवयित्री व गायिका डॉ. अनामिका जैन अंबर , प्रसिद्ध गायिका तृप्ति शाक्य , जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्यजन की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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