बोलने का समय आता है तो विदेश घूमने निकल जाते हैं राहुल- बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर लगाया आरोप।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने
- प्रसाद बोले, मोदी सरकार काम पर फोकस, विपक्ष की भूमिका बन गई है बेबुनियाद बातें फैलाना
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के हालिया बयानों को पूरी तरह से गैरजिम्मेदाराना करार दिया है। प्रसाद ने कहा कि जब देश में महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने का समय आता है, तब राहुल गांधी विदेश यात्राओं पर निकल जाते हैं। यह बयान पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया, जहां प्रसाद ने राहुल के व्यवहार को देश की राजनीति के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार निरंतर विकास कार्यों में लगी हुई है, जबकि राहुल गांधी का मुख्य काम बेबुनियाद आरोप लगाना रह गया है। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह विपक्षी नेता के खिलाफ सत्ताधारी पार्टी की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है। प्रसाद ने आगे कहा कि राहुल के ऐसे बयान न केवल व्यक्तिगत हमले हैं बल्कि वे देश की प्रगति को प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में आर्थिक सुधार, बुनियादी ढांचे का विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है, जबकि विपक्षी नेता केवल आलोचना तक सीमित रहते हैं। इस संदर्भ में, प्रसाद ने राहुल की विदेश यात्राओं को देश से भागने जैसा करार दिया, जो राजनीतिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने का प्रतीक है। इस घटना ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष को और तेज कर दिया है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब राहुल गांधी ने हाल ही में मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। राहुल ने कहा था कि भारत की विदेश नीति देश की जनता की सामूहिक इच्छा से निकलनी चाहिए, जो इतिहास, भूगोल और सत्य-अहिंसा के आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने वर्तमान नीति को एक समझौतापरस्त व्यक्ति की उपज बताया, जो नीति नहीं बल्कि शोषण का परिणाम है। इस बयान ने सत्ताधारी पार्टी को हमले का मौका दे दिया। रविशंकर प्रसाद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल के बयान देश की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, खासकर जब वे विदेश में भारत की आलोचना करते हैं। प्रसाद ने जोर दिया कि मोदी सरकार की विदेश नीति ने भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाया है, जैसे कि जी-20 की सफल मेजबानी और पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध। उन्होंने राहुल की टिप्पणियों को माओवादी विचारधारा से प्रभावित बताया, जो भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास है। प्रसाद ने आगे कहा कि राहुल को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या कांग्रेस पार्टी उनके ऐसे बयानों का समर्थन करती है। इस संदर्भ में, उन्होंने पिछले उदाहरणों का जिक्र किया जहां राहुल ने विदेश में भारत की लोकतंत्र पर सवाल उठाए थे, जिससे देश की छवि प्रभावित हुई। यह विवाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां भारत की तटस्थता की नीति पर बहस छिड़ी हुई है।
राहुल गांधी की हालिया विदेश यात्राएं
राहुल गांधी ने हाल के महीनों में कई विदेश यात्राएं की हैं, जिनमें ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने भारत की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की, जिसे बीजेपी ने देश की बदनामी करार दिया है। उदाहरण के लिए, लंदन में राहुल ने भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाए, जिस पर प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
बीजेपी नेता ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दशक में भारत ने आर्थिक रूप से मजबूती हासिल की है, जिसमें जीडीपी वृद्धि, निवेश आकर्षण और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं शामिल हैं। प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इन सफलताओं को नजरअंदाज कर केवल नकारात्मक पहलुओं पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार काम करती है, जबकि राहुल का काम बेबुनियाद बातें करना है। प्रसाद ने आगे विस्तार से बताया कि कैसे सरकार ने महामारी के दौरान वैक्सीनेशन अभियान चलाया, गरीबों को राशन वितरण किया और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाया। इसके विपरीत, राहुल के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए होते हैं, जो जमीनी हकीकत से दूर हैं। उन्होंने राहुल को सलाह दी कि वे देश के अंदर रहकर मुद्दों पर बहस करें, न कि विदेश जाकर आलोचना करें। प्रसाद ने यह भी कहा कि राहुल की ऐसी टिप्पणियां विपक्ष की कमजोरी को दर्शाती हैं, क्योंकि वे सकारात्मक एजेंडे की बजाय केवल आलोचना पर निर्भर हैं। इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी राय रख रहे हैं।
यह घटना लोकसभा में भी गूंजी, जहां राहुल गांधी और रविशंकर प्रसाद के बीच तीखी बहस हुई। प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री कभी समझौता नहीं कर सकते, और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई बहस नहीं हो सकती। उन्होंने नियम पुस्तिका के नियम 178 का हवाला दिया, जिसमें पॉइंट ऑफ ऑर्डर पर बहस की अनुमति नहीं है। प्रसाद ने राहुल के बयानों को अपमानजनक और असंवैधानिक बताया, जो संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि राहुल को राष्ट्रपति और अन्य गरिमामय व्यक्तियों से माफी मांगनी चाहिए। इस बहस ने संसद सत्र को गर्म कर दिया, जहां विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की। प्रसाद ने मोदी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा करती है, जबकि राहुल जैसे नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयान देते हैं। इस संदर्भ में, प्रसाद ने राहुल को एक असफल वकील बताया, जो कभी कोई केस नहीं जीत सके, लेकिन राजनीति में बड़े दावे करते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस हमले का जवाब देते हुए कहा कि प्रसाद के बयान निराधार हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी देश के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं और उनकी विदेश यात्राएं वैश्विक दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह आलोचना बर्दाश्त नहीं करती और विपक्ष को दबाने की कोशिश करती है। कांग्रेस ने जोर दिया कि राहुल के बयान सत्य पर आधारित हैं, जो सरकार की कमियों को सामने लाते हैं। इस जवाब ने राजनीतिक बहस को और गहरा कर दिया है। प्रसाद ने कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया को बचकाना बताया, और कहा कि पार्टी को राहुल के बयानों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने विदेश नीति में भारत को मजबूत बनाया है, जैसे कि अमेरिका और रूस के साथ संतुलित संबंध। राहुल की आलोचना को उन्होंने माओवादी विचारधारा से प्रेरित बताया, जो भारत की प्रगति को रोकने का प्रयास है। इस विवाद ने आम जनता में भी चर्चा छेड़ दी है, जहां लोग सोशल मीडिया पर अपनी राय साझा कर रहे हैं।
मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत। इन योजनाओं ने आर्थिक विकास को गति दी है और रोजगार सृजन किया है। प्रसाद ने इनका जिक्र कर राहुल की आलोचना को खारिज किया।
इस पूरे विवाद का पृष्ठभूमि में पश्चिम एशिया का संघर्ष है, जहां राहुल ने भारत की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुनिया अस्थिर दौर में है और भारत को अमेरिका के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। प्रसाद ने इस पर कहा कि मोदी सरकार की नीति तटस्थ और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। उन्होंने राहुल को सलाह दी कि वे युद्ध में भारत को घसीटने की कोशिश न करें। प्रसाद ने आगे कहा कि राहुल के बयान देशद्रोह के समान हैं, जो भारत की छवि खराब करते हैं। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व नीतियों की आलोचना की, जहां वे रूस की आलोचना न करने पर सवाल उठाते थे, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वह सही था। प्रसाद ने जोर दिया कि मोदी सरकार काम पर विश्वास करती है, न कि बयानबाजी पर।
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