कर्नाटक की सांसद डॉ. प्रभा मल्लिकार्जुन ने कम समय में बनाई मजबूत पहचान, डेंटिस्ट से लोकसभा सदस्य बनीं प्रभा।
कर्नाटक के दावणगेरे से लोकसभा सदस्य डॉ. प्रभा मल्लिकार्जुन ने 2024 के आम चुनावों में जीत हासिल करने के बाद बहुत कम समय में संसद और
- स्टाइलिश लुक और अनुशासित कार्यशैली से छाईं, प्रियंका गांधी से लंबी बातचीत, मिडिल ईस्ट संकट से उपजे एलपीजी संकट पर चिंता जताई
कर्नाटक के दावणगेरे से लोकसभा सदस्य डॉ. प्रभा मल्लिकार्जुन ने 2024 के आम चुनावों में जीत हासिल करने के बाद बहुत कम समय में संसद और राजनीतिक हलकों में अपनी अलग पहचान बना ली है। मूल रूप से डेंटिस्ट पेशे से जुड़ी प्रभा ने राजनीति में प्रवेश कर अपनी मेहनत, अनुशासन और सक्रियता से कांग्रेस की सबसे प्रभावी महिला सांसदों में जगह बनाई है। वे दावणगेरे लोकसभा क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं और जीत दर्ज की, जहां उनका परिवार लंबे समय से राजनीति और सामाजिक कार्यों से जुड़ा हुआ है। प्रभा का जन्म 15 मार्च 1976 को दावणगेरे तालुक के कक्करगोल्ला गांव में एक कृषक परिवार में हुआ था। उन्होंने डेंटल सर्जरी में डिग्री हासिल की और पेशेवर रूप से दंत चिकित्सा का अभ्यास किया, लेकिन राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण वे सामाजिक सेवा में सक्रिय रहीं। उनके पति एस.एस. मल्लिकार्जुन दावणगेरे जिले के प्रभारी मंत्री हैं और ससुर शमनूर शिवशंकरप्पा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। इस पारिवारिक समर्थन के साथ प्रभा ने चुनावी मैदान में कदम रखा और अपनी मेहनत से क्षेत्र की जनता का विश्वास जीता।
प्रभा मल्लिकार्जुन की खासियत उनकी स्टाइलिश ड्रेसिंग और आकर्षक लुक के अलावा संसद में उनकी अनुशासित उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी है। वे संसद सत्रों में नियमित रूप से शामिल होती हैं, विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाती हैं और समितियों में योगदान देती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी संसदीय समितियों में काम किया है। प्रभा ने लोकसभा में ESI योजना की सीमा बढ़ाने, जल संरक्षण, स्वास्थ्य सुरक्षा और बजट चर्चा जैसे विषयों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी है। उनकी स्पीचेस में डेटा आधारित तर्क और क्षेत्रीय समस्याओं का जिक्र रहता है, जो उन्हें एक जिम्मेदार सांसद के रूप में स्थापित करता है। साथ ही वे अपनी सादगी और आधुनिक स्टाइल के मिश्रण से युवा और महिला मतदाताओं में लोकप्रिय हैं। प्रभा का यह संतुलन उन्हें कांग्रेस की उन सांसदों में शामिल करता है जो पार्टी की छवि को मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं।
हाल ही में प्रभा मल्लिकार्जुन ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से लंबी बातचीत की, जिसमें मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका की ईरान पर कार्रवाई के बाद उत्पन्न एलपीजी संकट पर चर्चा हुई। इस संकट से भारत में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी हो गई है, जिससे रेस्तरां, होटल और घरेलू उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। प्रभा ने इस मुद्दे पर प्रियंका गांधी से विस्तार से विचार-विमर्श किया और तस्वीरें साझा कर इस बातचीत को सार्वजनिक किया। चर्चा में संकट के कारणों जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होना, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और स्टॉक की सीमित उपलब्धता पर फोकस रहा। प्रभा ने घरेलू और वाणिज्यिक दोनों स्तरों पर प्रभाव का जिक्र किया, क्योंकि एलपीजी मूलभूत आवश्यकता है और इसकी कमी से मध्यम वर्ग तथा गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। यह बैठक कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा थी, जिसमें विपक्षी सांसदों ने सरकार से जवाबदेही मांगी और संकट के समाधान की मांग की।
प्रभा मल्लिकार्जुन ने पहले भी एलपीजी मूल्य वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। मार्च 2026 की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि एलपीजी सिलेंडरों की कीमत बढ़ने से मध्यम और गरीब परिवारों पर बोझ बढ़ेगा, क्योंकि यह हर वर्ग की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। अब मिडिल ईस्ट संकट से उत्पन्न कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहां रेस्तरां माइक्रोवेव, इलेक्ट्रिक उपकरण और लकड़ी का सहारा ले रहे हैं। प्रभा की सक्रियता इस मुद्दे को पार्टी स्तर पर प्रमुखता देने में मदद कर रही है। वे क्षेत्रीय मुद्दों के साथ राष्ट्रीय स्तर के संकटों पर भी नजर रखती हैं और संसद में आवाज उठाती हैं। उनकी यह पहल कांग्रेस की महिला सांसदों की टीम वर्क को दर्शाती है।
कांग्रेस की लोकसभा में कुल 14 महिला सांसद हैं, जिनमें प्रभा मल्लिकार्जुन भी शामिल हैं। 2024 के चुनावों में कुल 74 महिला सांसद चुनी गईं, जो 2019 के 78 से थोड़ी कम हैं लेकिन फिर भी महत्वपूर्ण संख्या है। कांग्रेस की ये महिला सांसद विभिन्न राज्यों से हैं और पार्टी की नीतियों को मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं। प्रभा की सक्रियता से पार्टी की महिला विंग को बल मिलता है, खासकर कर्नाटक में जहां कांग्रेस सत्ता में है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर फोकस करती हैं और अपने क्षेत्र दावणगेरे में विकास कार्यों को प्राथमिकता देती हैं। प्रभा ने संसद में विभिन्न बिलों पर चर्चा में भाग लिया और सरकार से सवाल किए हैं, जैसे ESI सीमा बढ़ाने और जल सुरक्षा मिशन की प्रगति पर। उनकी यह भूमिका उन्हें पार्टी के उभरते चेहरों में शामिल करती है।
प्रभा मल्लिकार्जुन की सफलता उनकी पृष्ठभूमि, शिक्षा और राजनीतिक समझ का नतीजा है। डेंटिस्ट होने के नाते वे स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर विशेषज्ञता रखती हैं और संसद में स्वास्थ्य नीतियों पर प्रभावी योगदान देती हैं। वे NIMHANS और अन्य समितियों में काम कर रही हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े हैं। प्रभा ने चुनाव के दौरान क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं से जुड़कर अपनी छवि बनाई। अब सांसद के रूप में वे विकास परियोजनाओं को तेज करने, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस कर रही हैं। उनकी अनुशासित कार्यशैली और स्टाइलिश व्यक्तित्व उन्हें मीडिया और जनता दोनों में चर्चित बनाता है। प्रभा कांग्रेस की उन सांसदों में हैं जो पार्टी को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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