Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी के बेटों अब्बास और उमर को गजल होटल मामले में राहत दी, ट्रायल पर रोक लगाई
यह मामला गाजीपुर कोतवाली थाने में दर्ज है। आरोप है कि फर्जी बैनामा के जरिए गजल होटल का निर्माण कराया गया। एफआईआर में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी, उनके बेटे अब्बास और उ
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के चर्चित गजल होटल मामले में मुख्तार अंसारी के बेटों अब्बास अंसारी और उमर अंसारी को बड़ी राहत प्रदान की। कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही मुकदमे की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए फरवरी के अंत में तारीख तय की।
यह मामला गाजीपुर कोतवाली थाने में दर्ज है। आरोप है कि फर्जी बैनामा के जरिए गजल होटल का निर्माण कराया गया। एफआईआर में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी, उनके बेटे अब्बास और उमर समेत कई लोग नामजद हैं। सीजेएम कोर्ट में यह मुकदमा विचाराधीन है। अब्बास और उमर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही रद्द करने की मांग की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार के वकील से जवाब मांगा। सरकार को अंतिम अवसर देते हुए कोर्ट ने तब तक मुकदमे की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह रोक अंतरिम है और आगे की सुनवाई में फैसला होगा। गजल होटल का मामला पुराना है जिसमें जमीन के फर्जी दस्तावेज और निर्माण से जुड़े आरोप हैं। अब्बास अंसारी मौजूदा विधायक हैं जबकि उमर उनके भाई हैं। यह फैसला दोनों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे निचली अदालत में सुनवाई रुक गई है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा। याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिए कि मामले में कुछ आधारभूत मुद्दे हैं जो विचारणीय हैं। कोर्ट ने इस पर विचार करते हुए रोक लगाई। यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की कानूनी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है जहां हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही को फिलहाल स्थगित कर दिया। आगे की सुनवाई में राज्य सरकार के जवाब के आधार पर अंतिम निर्णय होगा।
Also Click : Bajpur : देहरादून में 15 दिनों में पांच हत्याएं, कानून व्यवस्था पर यशपाल आर्य ने उठाए सवाल
What's Your Reaction?











