Hapur : गढ़मुक्तेश्वर में हिंदू सम्मेलन, 'एक हाथ में माला दूसरे में भाला' का नारा गूंजा
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से आई साध्वी सरस्वती मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में अहिंसा परमो धर्म का संदेश काफी नहीं है। हर घर में बजरंगबली और भगत सिंह जैसे साह
हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में डहरा कुटी परिसर में विशाल हिंदू सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम में धर्म और राष्ट्रवाद के नारे लगे। भारत माता के चित्र के सामने दीप जलाकर कार्यक्रम शुरू किया गया। वक्ताओं के जोशीले भाषणों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से आई साध्वी सरस्वती मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में अहिंसा परमो धर्म का संदेश काफी नहीं है। हर घर में बजरंगबली और भगत सिंह जैसे साहसी लोगों की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि सजने-संवरने का समय हो तो पूरा श्रृंगार करो लेकिन धर्म और राष्ट्र की बात आए तो रानी लक्ष्मीबाई बनकर खड़ी हो जाओ।
साध्वी सरस्वती ने “एक हाथ में माला, दूसरे हाथ में भाला” का नारा दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्म और शौर्य दोनों का संतुलन समाज को मजबूत बनाता है। उनके बोलों पर लोगों ने तालियां और जयकारे लगाए। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि संघ 1925 से राष्ट्र निर्माण के काम में लगा है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 1962 के चीन युद्ध के समय संघ स्वयंसेवकों को गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित करने का प्रसंग सुनाया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक विनीत कौशल ने पंच परिवर्तन पर बात की। उन्होंने सामाजिक समरसता, स्वाभिमान, परिवार जागरण, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आसपास के 25 गांवों से करीब चार हजार लोग आए। आयोजन समिति के अध्यक्ष गजेंद्र, संरक्षक ऋषि प्रधान, पंकज सिंह, वेदप्रकाश और देवेंद्र सहित कई कार्यकर्ताओं ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई।
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