Hapur : कांशीराम जयंती पर हापुड़ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि
शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने बताया कि BAMCEF का मकसद अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के पढ़े-लिखे लोगों को एक मंच पर लाकर आंबेडकरवादी विचारधारा को
हापुड़ में बहुजन समाज के नेता कांशीराम की जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया। दिल्ली रोड पर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कार्यक्रम हुआ। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अगुवाई जिला अध्यक्ष राकेश त्यागी और शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने की। मौके पर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह दिखा। नेताओं ने कांशीराम के सामाजिक संघर्ष और बहुजन समाज को एकजुट करने में उनकी बड़ी भूमिका को याद किया। उन्हें देश के प्रमुख समाज सुधारकों में गिना जाता है।
पूर्व विधायक गजराज सिंह ने कहा कि कांशीराम ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ जीवन भर लड़ाई लड़ी। 1964 में दलित सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर की किताब “एनिहिलेशन ऑफ कास्ट” पढ़ने के बाद यह फैसला लिया। आंबेडकर के विचारों से प्रभावित होकर बहुजन समाज को संगठित करने का बड़ा अभियान चलाया। शुरुआत में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया का साथ दिया लेकिन बाद में निराशा हुई। 1971 में अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक कर्मचारी संघ बनाया जो 1978 में BAMCEF बना।
शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने बताया कि BAMCEF का मकसद अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के पढ़े-लिखे लोगों को एक मंच पर लाकर आंबेडकरवादी विचारधारा को मजबूत करना था। यह संगठन न राजनीतिक था न धार्मिक बल्कि सामाजिक जागरूकता और समानता के लिए बनाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने कांशीराम के आदर्श अपनाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर पिलखुआ नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. वीसी शर्मा, विधि प्रकोष्ठ जिला चेयरमैन एडवोकेट रघुवीर सिंह, पूरनमल आनंद, सरका देवी, सुखबीर सिंह गौड़, एडवोकेट गुलफाम, एससी-एसटी कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश भाटी, जिला महासचिव गौरव गर्ग, योगेश शर्मा, सुधीर शर्मा, आदेश शर्मा, देवेंद्र कुमार, विनोद कर्दम, जस्सा सिंह, मोहम्मद फुरकान, धर्मपाल दरोगा, गोपाल भारती और महबूब अली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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