Lucknow: एमएसएमई विभाग की योजनाओं की प्रगति पर मंत्री राकेश सचान ने की समीक्षा बैठक, वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को निर्यात भवन, कैसरबाग
- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण व टूलकिट देने पर जोर
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार व ओडीओपी योजनाओं की प्रगति की भी हुई समीक्षा
- औद्योगिक आस्थानों, क्लस्टर पार्क और यूनिटी मॉल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश
- योगी सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
लखनऊ: प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को निर्यात भवन, कैसरबाग में विभागीय योजनाओं के वित्तीय बजट (वर्ष 2025-26) की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय और लंबित परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन से पहले सभी योजनाओं में बजट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए और लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करना होगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 31 मार्च तक बजट के शेष हिस्से को भी खर्च करने की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची सहित कई पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उन्हें उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण और टूलकिट वितरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि अधिक से अधिक कारीगरों को लाभ मिल सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण और मार्जिन मनी उपलब्ध कराई गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के अंतर्गत हजारों उद्यमियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है और प्रशिक्षण व टूलकिट कार्यक्रम के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक आस्थानों, क्लस्टर पार्कों और यूनिटी मॉल जैसी परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय उद्यमियों को नई संभावनाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मंत्री सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और अगले छह महीनों के भीतर लंबित परियोजनाओं को पूरा करने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति मिल सके।
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