बांदा में बेकाबू थार का तांडव: डीएम के अर्दली को मारी जोरदार टक्कर, मौत से जंग लड़ रहा सरकारी कर्मचारी।
उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में रफ्तार के कहर ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियों को मातम में बदलने की कोशिश की है। यहाँ शहर के मुख्य
- रफ्तार का कहर: ड्यूटी से लौट रहे अर्दली की बाइक के उड़े परखच्चे, थार चालक मौके से फरार, बांदा में तनाव।
- सुरक्षा और कानून को चुनौती: कलेक्ट्रेट कर्मी की हालत बेहद नाजुक, जिला अस्पताल से कानपुर हैलट रेफर, पुलिस ने थार को लिया कब्जे में।
उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में रफ्तार के कहर ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियों को मातम में बदलने की कोशिश की है। यहाँ शहर के मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार थार गाड़ी ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय में तैनात एक अर्दली को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा उस समय हुआ जब अर्दली अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर पहुँचा था और उसके कुछ ही देर बाद घरेलू सामान लेने के लिए बाजार जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, थार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि टक्कर लगते ही अर्दली अपनी बाइक समेत कई फीट हवा में उछल गया और काफी दूर जाकर गिरा। इस भीषण हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
हादसे का शिकार हुए कर्मचारी की पहचान कलेक्ट्रेट में तैनात डीएम के अर्दली के रूप में हुई है। वह प्रतिदिन की तरह अपनी ड्यूटी पूरी कर घर गया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही वह अपनी बाइक से बाजार की ओर मुड़ा, पीछे से आ रही सफेद रंग की थार गाड़ी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के लोहे के हिस्से किसी कागज की तरह मुड़ गए और सड़क पर मलबे के रूप में बिखर गए। अर्दली के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे सड़क पर खून फैल गया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और एम्बुलेंस की मदद से घायल को जिला अस्पताल पहुँचाया।
बांदा जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने घायल अर्दली की प्राथमिक जांच के बाद उसकी स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया। शरीर के आंतरिक अंगों में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण वह बेहोशी की हालत में था। अस्पताल प्रशासन ने बिना समय गंवाए उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। घायल कर्मचारी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और कलेक्ट्रेट के अन्य साथी कर्मचारी भी अस्पताल पहुँच गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर शहर की व्यस्त सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों और यातायात नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि थार गाड़ी की सटीक गति और चालक की पहचान की जा सके। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी रोष है कि रिहायशी और प्रशासनिक क्षेत्र होने के बावजूद कुछ वाहन चालक सड़क पर स्टंट और तेज रफ्तार का प्रदर्शन करते हैं। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और थार को कोतवाली में खड़ा करा दिया है। क्षेत्राधिकारी (CO) ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
बांदा शहर में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में इजाफा हुआ है। विशेष रूप से रात के समय और बाजार के व्यस्त घंटों में भारी वाहनों और लग्जरी गाड़ियों की बेकाबू रफ्तार आम जनता के लिए काल साबित हो रही है। डीएम के अर्दली के साथ हुई इस घटना ने प्रशासनिक अमले को भी हिलाकर रख दिया है। कलेक्ट्रेट संघ ने मांग की है कि प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती और स्पीड ब्रेकरों का उचित प्रबंधन किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी या नागरिक के साथ ऐसी अप्रिय घटना न हो। घायल अर्दली की हालत फिलहाल स्थिर नहीं है और अगले 24 घंटे उसके जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद शहर के मुख्य मार्गों पर पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। काली फिल्म लगी गाड़ियों और संदिग्ध रूप से दौड़ते वाहनों को रोककर उनके कागजात और चालक की स्थिति की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि कानून का भय उन लोगों में बना रहे जो सड़कों को रेसिंग ट्रैक समझने की भूल करते हैं। डीएम कार्यालय के अधिकारी भी लगातार कानपुर के डॉक्टरों के संपर्क में हैं ताकि घायल कर्मचारी को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा मिल सके। सभी की प्रार्थनाएं घायल अर्दली के साथ हैं, जो इस समय अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है।
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