दिल्ली में लापता लोगों की खबरों के बीच 'मर्दानी 3' पर उठे सवाल, YRF ने सभी आरोपों से किया इनकार।
दिल्ली में जनवरी 2026 के पहले 15 दिनों में लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट्स वायरल होने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि
- दिल्ली पुलिस ने लापता लड़कियों के हाइप को बताया पेड प्रमोशन, 'मर्दानी 3' से जोड़कर लगे आरोप
- YRF का स्पष्ट बयान: मर्दानी 3 प्रमोशन में संवेदनशील मुद्दे को सनसनीखेज नहीं बनाया
दिल्ली में जनवरी 2026 के पहले 15 दिनों में लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट्स वायरल होने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 15 दिनों में 807 लोग लापता हुए, जिनमें से 509 महिलाएं और लड़कियां तथा 191 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। इन आंकड़ों को सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया गया, जिससे जनता में भय और घबराहट फैली। कई लोगों ने इन खबरों को रानी मुखर्जी अभिनीत फिल्म 'मर्दानी 3' के प्रमोशन से जोड़ दिया, क्योंकि फिल्म की कहानी लापता लड़कियों और बाल तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। फिल्म 30 जनवरी 2026 को रिलीज हुई थी। विवाद बढ़ने पर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि लापता मामलों में कोई अचानक वृद्धि नहीं हुई है और हाइप पेड प्रमोशन के जरिए फैलाया जा रहा है। पुलिस ने पैसे कमाने के लिए डर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। इस पर यश राज फिल्म्स (YRF) ने बयान जारी कर सभी आरोपों का खंडन किया।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कुछ सुरागों की जांच के बाद पता चला कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या बढ़ने का हाइप पेड प्रमोशन से फैलाया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि ऐसे कंटेंट से जनता में घबराहट पैदा की जा रही है और पैसे कमाने के लिए डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट्स वास्तविक हैं, लेकिन इनमें कोई अचानक स्पाइक नहीं है और आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि वे ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे जो गलत सूचना फैला रहे हैं। इस बयान के बाद कई लोगों ने इसे 'मर्दानी 3' के प्रमोशन से जोड़ा, क्योंकि फिल्म की रिलीज और प्रमोशन का समय इन खबरों से मेल खाता था। फिल्म में रानी मुखर्जी पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय की भूमिका में हैं, जो बाल तस्करी और लापता बच्चों के मामलों की जांच करती हैं।
- दिल्ली पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच में पाया गया है कि लापता लड़कियों के बढ़ने का हाइप पेड प्रमोशन से फैलाया जा रहा है। जनता में घबराहट पैदा करने और पैसे कमाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। लापता मामलों में कोई स्पाइक नहीं है। ऐसे कंटेंट फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।
यश राज फिल्म्स ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि YRF 50 वर्ष पुरानी कंपनी है, जो नैतिकता और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर आधारित है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर लगे आरोपों का खंडन किया कि 'मर्दानी 3' के प्रमोशन में लापता लड़कियों जैसे संवेदनशील मुद्दे को जानबूझकर सनसनीखेज बनाया गया। YRF ने कहा कि वे इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। कंपनी ने कहा कि वे अधिकारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं कि वे समय पर सभी तथ्य और सच्चाई सामने लाएंगे। YRF ने किसी भी तरह के अनैतिक मार्केटिंग से इनकार किया और कहा कि प्रमोशन में कोई संवेदनशील मुद्दे का दुरुपयोग नहीं किया गया।
- YRF का पूरा बयान
YRF ने कहा कि कंपनी नैतिकता और पारदर्शिता पर आधारित है। हम सोशल मीडिया पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं कि 'मर्दानी 3' के प्रमोशन में संवेदनशील मुद्दे को सनसनीखेज बनाया गया। हम अधिकारियों पर भरोसा रखते हैं कि वे तथ्य सामने लाएंगे।
विवाद की शुरुआत जनवरी 2026 के पहले पखवाड़े में लापता व्यक्तियों के आंकड़ों से हुई। रिपोर्ट्स में कहा गया कि 1 से 15 जनवरी तक 807 लोग लापता हुए, जिनमें 509 महिलाएं और लड़कियां तथा 298 पुरुष शामिल हैं। इनमें से कई नाबालिग थे। आंकड़ों को सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट्स के जरिए फैलाया गया, जिसमें दावा किया गया कि दिल्ली असुरक्षित हो गई है और लड़कियां रोज गायब हो रही हैं। इन पोस्ट्स में औसतन रोज 54 लोग लापता होने का जिक्र था। कई लोगों ने इसे फिल्म 'मर्दानी 3' से जोड़ा, क्योंकि फिल्म बाल तस्करी और लापता बच्चों पर आधारित है। फिल्म की रिलीज के समय ये खबरें वायरल हुईं, जिससे प्रमोशन से जुड़े होने का शक हुआ।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि पिछले वर्षों की तुलना में लापता मामलों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि आंकड़े वास्तविक हैं लेकिन इन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने पेड प्रमोशन का जिक्र किया और कहा कि कुछ लोग पैसे के लिए घबराहट फैला रहे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई होगी। इस बयान के बाद विवाद 'मर्दानी 3' की ओर मुड़ा, क्योंकि फिल्म का विषय इन मुद्दों से मिलता-जुलता है।
- लापता मामलों के आंकड़े
जनवरी 2026 के पहले 15 दिनों में कुल 807 लापता रिपोर्ट्स। इनमें 509 महिलाएं और लड़कियां, 191 नाबालिग बच्चे। कुल में से 63 प्रतिशत महिलाएं। पिछले वर्षों में औसतन इतने ही मामले दर्ज होते हैं। कोई स्पाइक नहीं।
YRF ने बयान में कहा कि कंपनी ने कभी भी प्रमोशन के लिए संवेदनशील मुद्दों का दुरुपयोग नहीं किया। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। YRF ने कहा कि वे फिल्म के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को उठाते हैं लेकिन प्रमोशन नैतिक तरीके से करते हैं। कंपनी ने अधिकारियों की जांच पर भरोसा जताया। विवाद के बाद YRF ने स्पष्ट किया कि कोई पेड प्रमोशन या सनसनी फैलाने का इरादा नहीं था।
- फिल्म 'मर्दानी 3' का विषय
फिल्म 'मर्दानी 3' में रानी मुखर्जी शिवानी शिवाजी रॉय की भूमिका में हैं। कहानी बाल तस्करी, लापता बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर आधारित है। फिल्म 30 जनवरी 2026 को रिलीज हुई।
दिल्ली पुलिस के बयान और YRF की सफाई के बाद विवाद शांत होने की दिशा में है। पुलिस ने कहा कि लापता मामलों की जांच जारी है लेकिन कोई संगठित गिरोह या स्पाइक नहीं है। YRF ने आरोपों से खुद को अलग किया। जनता में फैली घबराहट को कम करने के लिए पुलिस ने तथ्य सामने रखे।
- पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने कहा कि पेड प्रमोशन से घबराहट फैलाना अपराध है। ऐसे कंटेंट फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। जनता से अपील कि अफवाहों पर विश्वास न करें। यह मामला फिल्म प्रमोशन और वास्तविक सामाजिक मुद्दों के बीच की रेखा को लेकर चर्चा पैदा करता है। दिल्ली में लापता मामलों की रिपोर्ट्स नियमित हैं लेकिन इन्हें गलत तरीके से पेश करने से समस्या बढ़ती है। YRF ने स्पष्ट किया कि उनका कोई संबंध नहीं है।
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