Prayagraj : प्रयागराज में एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में गलत ब्लड चढ़ाने से महिला की मौत, हाईकोर्ट में प्रशासन ने गलती स्वीकार की
न्यायालय ने टिप्पणी की कि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य का कर्तव्य था कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें लेकिन यह घटना उनकी विफलता दिखाती है। अदालत ने अपर महाधिव
प्रयागराज : इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने से एक महिला की मौत के मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता अधिवक्ता सौरभ सिंह सोमवंशी की मां न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती थीं। गलत ब्लड चढ़ने से किडनी फेल हो गई और उन्हें नेफ्रोलॉजी विभाग में शिफ्ट किया गया।
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने मूल साक्ष्य पेश किए। करीब सवा घंटे की बहस के बाद अपर महाधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन की ओर से गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाने के कारण मौत हुई होने की बात स्वीकार की। न्यायालय ने टिप्पणी की कि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य का कर्तव्य था कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें लेकिन यह घटना उनकी विफलता दिखाती है। अदालत ने अपर महाधिवक्ता और याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को मिलकर मुआवजे की राशि तय करने का निर्देश दिया।
ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का आदेश दिया गया। डायरेक्टर जनरल ऑफ मेडिकल एजुकेशन को छठे नंबर का प्रतिवादी बनाने का भी निर्देश दिया। संविधान के अनुच्छेद 21 का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि प्रशासन को प्रबंध करना चाहिए कि सुविधाओं की कमी या लापरवाही से किसी मरीज की मौत न हो। अपर महाधिवक्ता से मुआवजे की राशि बताने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को दो बजे होगी।
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