एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा चाकू हमला, हमलावरों ने गर्दन और पेट पर कई बार वार किए, हालत गंभीर।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक चर्चित यूट्यूबर और टीवी पैनलिस्ट पर क्रूर हमला हुआ है। सलीम अहमद
- बेटे उस्मान ने AIMIM नेता सहित नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक चर्चित यूट्यूबर और टीवी पैनलिस्ट पर क्रूर हमला हुआ है। सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक, जो खुद को पूर्व मुस्लिम बताते हैं और अपने यूट्यूब चैनल 'सलीम वास्तिक 0007' के माध्यम से इस्लामिक कुरीतियों, हलाला और अन्य सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं, पर उनके अली गार्डन कॉलोनी स्थित घर में बने कार्यालय में दो अज्ञात हमलावरों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। हमलावर बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर सवार थे, चेहरों पर हेलमेट या नकाब पहने हुए थे और हाथों में धारदार हथियार लेकर सीधे सलीम पर टूट पड़े। उन्होंने पहले गले को निशाना बनाकर रेतने की कोशिश की, फिर पेट में कई बार चाकू घोंपे, जिससे सलीम खून से लथपथ होकर गिर पड़े। हमलावर घटना के तुरंत बाद फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरा हमला कुछ ही सेकंडों में हो गया और आसपास के लोग हड़बड़ा गए। सलीम को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर होने के कारण दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल के आईसीयू में रेफर किया गया। वहां उनका इलाज जारी है और डॉक्टरों ने पेट का ऑपरेशन करने की तैयारी बताई है।
यह घटना लोनी के अशोक विहार कॉलोनी में हुई, जहां सलीम लंबे समय से रहते हैं और अपना कार्यालय भी यहीं चलाते हैं। सलीम के यूट्यूब चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर्स हैं और वे अक्सर पॉडकास्ट, वीडियो और टीवी डिबेट में इस्लाम से जुड़े विवादास्पद मुद्दों पर बोलते हैं। उनकी सामग्री में मजहबी कट्टरता, महिलाओं के अधिकार और सामाजिक सुधारों पर फोकस रहता है, जिसके कारण वे कुछ समूहों के निशाने पर थे। पिछले कुछ समय से उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही थीं, लेकिन इस हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम हाथ में लिया। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन जांच में पुरानी रंजिश या वैचारिक मतभेद को आधार माना जा रहा है। लोनी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कई टीमों को लगाया गया है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जा सके।
हमले के बाद सलीम के बेटे उस्मान ने लोनी पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस शिकायत में उन्होंने भाटी बिल्डर, AIMIM नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख और सोनू नाम के व्यक्तियों को नामजद किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें हत्या का प्रयास और आपराधिक साजिश शामिल हैं। बेटे की शिकायत के अनुसार ये लोग पहले से सलीम के खिलाफ धमकियां दे रहे थे और उनके विचारों से असहमत थे। पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हमलावर इन नामजद व्यक्तियों से जुड़े थे या कोई अन्य साजिश थी। इस मुकदमे ने मामले को नया मोड़ दिया है, क्योंकि अब जांच व्यक्तिगत दुश्मनी या संगठित हमले की दिशा में बढ़ रही है।
सलीम वास्तिक की पहचान एक सक्रिय सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और एक्स-मुस्लिम के रूप में है, जो इस्लाम छोड़ने के बाद अपनी यात्रा और अनुभवों को साझा करते हैं। उनके वीडियो में अक्सर इस्लामिक प्रथाओं की आलोचना होती है, जिससे वे विवादों में रहते हैं। कई बार टीवी डिबेट में भाग लेने के कारण उनकी पहुंच व्यापक हुई है। हमले से पहले भी उन्हें विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ट्रोलिंग और धमकियां मिलती रही हैं। यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वैचारिक असहमति से उत्पन्न हिंसा के मुद्दे को फिर से सामने लाती है। सलीम जैसे व्यक्तियों पर ऐसे हमले समाज में असहिष्णुता के बढ़ते स्तर को दर्शाते हैं, जहां मतभेदों को हिंसा से सुलझाने की कोशिश की जाती है। कई संगठनों और व्यक्तियों ने हमले की निंदा की है और सलीम के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
पुलिस जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं। सीसीटीवी फुटेज से बाइक की डिटेल्स और हमलावरों की कुछ झलक मिल सकती है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति है, क्योंकि सलीम स्थानीय स्तर पर जाने-माने हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत स्थिर लेकिन चिंताजनक बनी हुई है, और अगले कुछ घंटों में ऑपरेशन के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। परिवार ने अपील की है कि सलीम को राजनीतिक या धार्मिक रंग न दिया जाए, बल्कि इसे एक आपराधिक घटना माना जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और तेज होगी। यह हमला देश में एक्स-मुस्लिम एक्टिविस्ट्स पर हो रहे खतरे को फिर से उजागर करता है। सलीम जैसे लोग जो खुले विचार रखते हैं, अक्सर धमकियों का सामना करते हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां कुछ लोग इसे कट्टरपंथ से जोड़ रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सलीम की रिकवरी के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं और उम्मीद है कि वे जल्द ठीक होकर वापस आएंगे।
What's Your Reaction?











