चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण से 9 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ मतदाता कम, गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख नाम हटे, कुल मतदाता संख्या 13.40% घटी
केंद्रशासित प्रदेशों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 52,364 नाम हटे और संख्या 3.10 लाख से 2.58 लाख रह गई जो 16.87 प्रतिशत कमी है। पुडुचेरी में 77,367 नाम हटे और संख्या 1
भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जिसके तहत 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का गहन सत्यापन किया गया। इस अभियान के बाद इन क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या में बड़ा बदलाव आया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अभियान शुरू होने से पहले इन 9 क्षेत्रों में कुल 21.45 करोड़ मतदाता थे जो अंतिम प्रकाशित सूची में घटकर 19.75 करोड़ रह गए। इससे 1.70 करोड़ से अधिक नाम सूची से हटा दिए गए जो कुल मिलाकर 7.93 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। इस अभियान को विशेष गहन पुनरीक्षण या एसआईआर कहा गया। यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 को घोषित किया गया था और नवंबर से शुरू हुआ। इसमें मृतक मतदाताओं, स्थानांतरित हुए व्यक्तियों, बहु-नामांकित मतदाताओं और अन्य अयोग्य नामों को हटाने का उद्देश्य था। अंतिम मतदाता सूची विभिन्न तिथियों पर प्रकाशित की गई जिसमें गुजरात की 17 फरवरी, पुडुचेरी और लक्षद्वीप की 14 फरवरी तथा अन्य की 21 फरवरी 2026 को जारी की गई।
9 क्षेत्रों में गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। इनमें से गुजरात में सबसे अधिक प्रभाव पड़ा जहां मतदाता संख्या 5.08 करोड़ से घटकर 4.40 करोड़ रह गई। यहां 68,12,711 नाम हटाए गए जो 13.40 प्रतिशत की कमी है। मध्य प्रदेश में मतदाता संख्या 5.74 करोड़ से घटकर 5.39 करोड़ हो गई जिसमें 34,25,078 नाम हटाए गए जो 5.97 प्रतिशत है। राजस्थान में 44.2 लाख नाम हटाए गए और अंतिम सूची में 5.1 करोड़ मतदाता रह गए। छत्तीसगढ़ में 24,99,823 नाम हटे जिससे संख्या 2.12 करोड़ से 1.87 करोड़ हो गई जो 11.77 प्रतिशत कमी है।
केरल में 8,97,211 नाम हटाए गए और अंतिम सूची में 2.69 करोड़ मतदाता रह गए जो 3.22 प्रतिशत कमी दर्शाता है। गोवा में 1,27,468 नाम हटे जिससे संख्या 11.85 लाख से 10.57 लाख हो गई जो 10.76 प्रतिशत है। केंद्रशासित प्रदेशों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 52,364 नाम हटे और संख्या 3.10 लाख से 2.58 लाख रह गई जो 16.87 प्रतिशत कमी है। पुडुचेरी में 77,367 नाम हटे और संख्या 10.21 लाख से 9.44 लाख हो गई जो 7.5 प्रतिशत है। लक्षद्वीप में सबसे कम 206 नाम हटे और संख्या 57,813 से 57,607 रह गई जो 0.36 प्रतिशत है।
अभियान के दौरान ड्राफ्ट सूची प्रकाशित करने के बाद दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। कई नाम बहाली के लिए शामिल किए गए लेकिन कुल मिलाकर शुद्धिकरण से कमी आई। ड्राफ्ट सूची में पहले से ही बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे और अंतिम सूची में कुछ जोड़े गए लेकिन पूर्व-एसआईआर संख्या से काफी कम रही। यह अभियान द्वितीय चरण का हिस्सा था जिसमें 9 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेश शामिल थे। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में अंतिम सूची अभी प्रकाशित नहीं हुई है। पूरे देश में एसआईआर चल रहा है जिसमें 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं और शेष क्षेत्रों के लिए तैयारी चल रही है।
मतदाता सूची में बदलाव मुख्य रूप से मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, बहु-नामांकन और पता न मिलने वाले मामलों के कारण हुआ। अभियान में बूथ स्तर अधिकारियों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण किया गया और फॉर्म प्राप्त किए गए। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद प्रभावित मतदाता दावे दायर कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि योग्य मतदाताओं को शामिल करने और अयोग्य को हटाने का लक्ष्य था। यह प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को सटीक बनाने के लिए की गई। विभिन्न राज्यों में प्रतिशत कमी अलग-अलग रही लेकिन कुल प्रभाव बड़ा रहा।
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