दीपिंदर गोयल की नई कंपनी Temple ने जुटाया 5.4 करोड़ डॉलर का फंड,Zomato फाउंडर की हेल्थ टेक वेंचर Temple की वैल्यूएशन 190 मिलियन डॉलर पहुंची।
दीपिंदर गोयल, जो Zomato के सह-संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं और हाल ही में Eternal Ltd. के सीईओ पद से हटकर नए प्रयोगों पर फोकस क
दीपिंदर गोयल, जो Zomato के सह-संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं और हाल ही में Eternal Ltd. के सीईओ पद से हटकर नए प्रयोगों पर फोकस कर रहे हैं, ने अपनी नई कंपनी Temple के साथ एक बड़ा कदम उठाया है। Temple ने अपनी पहली फंडिंग राउंड में 54 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जो फ्रेंड्स एंड फैमिली राउंड के तहत आई है। इस राउंड के बाद कंपनी की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन लगभग 190 मिलियन डॉलर हो गई है। यह फंडिंग उन निवेशकों से आई है जो या तो गोयल के फाउंडर दोस्त हैं या Zomato के शुरुआती निवेशक रहे हैं। इन निवेशकों ने इस वेंचर में हिस्सेदारी ली है, भले ही कंपनी कभी मार्केट में आए या नहीं, जो इस प्रोजेक्ट के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है।
Temple एक हेल्थ टेक और वेयरेबल डिवाइस स्टार्टअप है जो एलीट परफॉर्मेंस एथलीट्स के लिए अल्टीमेट वेयरेबल बनाने पर काम कर रही है। कंपनी का मुख्य फोकस एक ऐसे डिवाइस पर है जो ब्रेन में ब्लड फ्लो यानी सेरेब्रल ब्लड फ्लो को नॉन-इनवेसिव तरीके से माप सके। यह डिवाइस टेम्पल यानी कनपटी पर पहना जाता है और रीयल-टाइम में ब्रेन ब्लड फ्लो को ट्रैक करता है, जो मौजूदा वेयरेबल डिवाइसेज में उपलब्ध नहीं है। गोयल ने इसे एक ऐसे टूल के रूप में पेश किया है जो एथलीट्स की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद करेगा, क्योंकि यह उन मेट्रिक्स को मापता है जो अभी तक किसी अन्य डिवाइस से नहीं मापे जा सके। कंपनी का वेबसाइट फिलहाल कमिंग सून दिखा रहा है और यह प्रोडक्ट अभी रिसर्च प्रोटोटाइप स्टेज में है।
फंडिंग राउंड की खास बात यह है कि इसमें Temple के 30 से ज्यादा कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया है। ये कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत पूंजी से निवेश कर रहे हैं और वो भी बिना किसी डिस्काउंट के, पूरी वैल्यूएशन पर। गोयल ने इसे ऐसे विश्वास का प्रतीक बताया है जो खरीदा नहीं जा सकता। निवेशकों में Steadview Capital, Peak XV Partners, Info Edge Ventures, Vy Capital जैसे बड़े नाम शामिल हैं, साथ ही 80 से ज्यादा इंडिविजुअल निवेशक भी हैं। गोयल खुद भी इस राउंड में भारी निवेश कर रहे हैं, जो उनकी कंपनी के प्रति कमिटमेंट को दिखाता है। यह राउंड कंपनी को आगे के रिसर्च, डेवलपमेंट और टीम बिल्डिंग के लिए मजबूत आधार देगा।
Temple की हायरिंग प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और कंपनी विभिन्न हाई-लेवल रोल्स पर भर्ती कर रही है। इसमें एम्बेडेड सिस्टम्स, कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंस, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। गोयल ने स्पष्ट किया है कि वे ऐसे इंजीनियर्स ढूंढ रहे हैं जो एथलीट भी हों, ताकि वे खुद जो डिवाइस बनाएं, उसे पहनकर टेस्ट कर सकें और उसकी कमियों को दूर कर सकें। हायरिंग में फिजिकल फिटनेस को भी महत्व दिया जा रहा है, जैसे पुरुष उम्मीदवारों के लिए बॉडी फैट 16 प्रतिशत से कम और महिलाओं के लिए 26 प्रतिशत से कम। जो उम्मीदवार इस क्राइटेरिया पर फिट नहीं बैठते, उन्हें प्रोबेशन पीरियड दिया जा सकता है जहां वे इसे पूरा कर सकते हैं। कंपनी ने कम से कम 12 जॉब ओपनिंग्स की बात कही है।
यह वेंचर गोयल के हालिया करियर शिफ्ट का हिस्सा है, जहां उन्होंने Eternal (Zomato की पैरेंट कंपनी) से डेली ऑपरेशंस से खुद को अलग किया है ताकि हाई-रिस्क एक्सपेरिमेंटेशन और एक्सप्लोरेशन पर फोकस कर सकें। Temple उनके ऐसे प्रयासों में से एक है जो हेल्थ ऑप्टिमाइजेशन और न्यूरोलॉजिकल वेलबीइंग पर आधारित है। गोयल ने पहले अपनी हेल्थ थ्योरी Gravity Ageing Hypothesis का जिक्र किया था, जिसमें ब्रेन ब्लड फ्लो को एजिंग के एक्सेलरेटर के रूप में देखा जाता है। Temple इसी रिसर्च से निकला प्रोडक्ट है जो लगातार मॉनिटरिंग के जरिए इन थ्योरीज को टेस्ट करने में मदद करेगा।
फंडिंग के साथ Temple अब तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति में है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे वेयरेबल बनाने का है जो एलीट एथलीट्स की परफॉर्मेंस को अगले स्तर पर ले जाएं, जहां मौजूदा डिवाइसेज जैसे स्मार्टवॉच या फिटनेस ट्रैकर्स सीमित रह जाते हैं। यह डिवाइस ब्रेन फंक्शन के गहरे इनसाइट्स दे सकता है, जो स्पोर्ट्स साइंस, न्यूरोसाइंस और परफॉर्मेंस ऑप्टिमाइजेशन के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। गोयल की पिछली सफलता Zomato के साथ मिली है, जो अब 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी है, इसलिए Temple पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। Temple का यह फंडिंग राउंड और हायरिंग स्टार्टअप इकोसिस्टम में गोयल की नई शुरुआत को मजबूती देता है। यह हेल्थ टेक में एक महत्वाकांक्षी कदम है जहां ब्रेन हेल्थ को प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनी आगे के महीनों में प्रोटोटाइप को रिफाइन करने, टेस्टिंग और संभावित लॉन्च की ओर बढ़ेगी, जो एथलीट्स और हेल्थ उत्साहियों के लिए नया विकल्प पेश कर सकती है।
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