देवबंद में पहली बार बनी एक नई तारीख: साद फ़ैज़ान सिद्दीकी को मिली अंतरराष्ट्रीय डॉक्टरेट की उपाधि।
अपनी इल्मी और तालीमी विरासत के लिए विश्व विख्यात देवबंद के नाम आज एक ऐसी तारीखी उपलब्धि दर्ज हुई है, जो इससे
देवबंद। अपनी इल्मी और तालीमी विरासत के लिए विश्व विख्यात देवबंद के नाम आज एक ऐसी तारीखी उपलब्धि दर्ज हुई है, जो इससे पहले कभी नहीं देखी गई। शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व साद फ़ैज़ान सिद्दीकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध थियोफनी यूनिवर्सिटी (Theophany University) द्वारा 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी' (Honorary PhD) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।
डॉ. साद फ़ैज़ान सिद्दीकी देवबंद की तारीख में यह विशेष अंतरराष्ट्रीय डॉक्टरेट सम्मान पाने वाले संभवतः पहले व्यक्ति बन गए हैं। अब वह आधिकारिक तौर पर अपने नाम के साथ 'डॉक्टर' शब्द का प्रयोग करेंगे, जो पूरे क्षेत्र के लिए एक गौरवपूर्ण पल है।
इन क्षेत्रों में रहा विशेष योगदान:यूनिवर्सिटी ने उन्हें यह सम्मान मैनेजमेंट सेक्टर (Academic Management) में उनके उत्कृष्ट कार्यों, विशेष रूप से शिक्षा (Education) व स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) के क्षेत्र में उनके सराहनीय योगदान के लिए दिया है।
शिक्षा क्षेत्र: डॉ. साद फ़ैज़ान सिद्दीकी ने शैक्षणिक प्रबंधन की जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्वास्थ्य सेवा: हेल्थकेयर मैनेजमेंट के क्षेत्र में उनके नवीन विचारों (Innovative Ideas) से आम जनता के लिए चिकित्सा सुविधाओं को सुलभ बनाने में मदद मिली है।
जनता में गर्व का माहौल:
इस खबर के बाद देवबंद में खुशी की लहर है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि डॉ. साद फ़ैज़ान सिद्दीकी को मिली यह अंतरराष्ट्रीय पहचान इस बात का प्रमाण है कि देवबंद की प्रतिभा अब आधुनिक प्रोफेशनल क्षेत्रों में भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। यह सम्मान समाज के हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो सेवा और समर्पण के भाव से काम करना चाहता है।
डॉ. साद फ़ैज़ान सिद्दीकी ने इस उपलब्धि पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "यह सम्मान मेरी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है और मैं भविष्य में भी समाज की बेहतरी के लिए कार्य करता रहूँगा।"
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