दिल्ली में चुनाव आयोग मीटिंग से निकलीं ममता बनर्जी- मुख्य चुनाव आयुक्त को कहा अहंकारी और झूठा, 7 बार MP रह चुकी हूं, ऐसा EC कभी नहीं देखा
ममता बनर्जी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के नाम विशेष रूप से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि मालदा जिले में ही 90 हजार नाम हटाए जा सकते हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि म
- ममता बनर्जी का मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला: SIR पर मीटिंग के बाद बोलीं, अपमान हुआ, राजनीति में इतना अनुभव लेकिन ऐसा CEC पहली बार
- मुख्य चुनाव आयुक्त से मीटिंग छोड़कर निकलीं ममता बनर्जी: दिल्ली में कहा, 4 बार मंत्री और 7 बार MP रही हूं, चुनाव आयोग ने अपमान किया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसमें गड़बड़ियां हैं। मुलाकात के बाद बाहर आकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला बोला तथा कहा कि वे राजनीति में लंबे समय से हैं लेकिन ऐसा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा। उन्होंने मीटिंग बीच में छोड़कर निकलने की बात कही और अपनी शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को दिल्ली पहुंचीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर थी। ममता बनर्जी ने राज्य में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत की। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, सांसद डेरेक ओ ब्रायन और अन्य नेता शामिल थे। मुलाकात में 12 प्रभावित मतदाता भी थे, जिनमें से पांच को मृत घोषित कर नाम हटाए गए थे।
मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में 58 लाख नाम हटाए गए हैं। उन्होंने पूछा कि केवल पश्चिम बंगाल को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों जैसे असम में जहां भाजपा सरकार है, वहां ऐसी प्रक्रिया नहीं चलाई गई। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को रोका जाए और प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।
मुलाकात के बाद ममता बनर्जी चुनाव आयोग मुख्यालय से बाहर निकलीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि वे बहुत दुखी हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को अहंकारी और झूठा बताया। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं राजनीति में दिल्ली में लंबा समय बिता चुकी हूं। मैं चार बार मंत्री रही हूं और सात बार सांसद रही हूं। लेकिन मैंने कभी ऐसा चुनाव आयुक्त नहीं देखा जो इतना अहंकारी हो, जो इतना झूठा हो।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक निश्चित रवैये के साथ बात की। उन्होंने जानबूझकर हमारे साथ बुरा व्यवहार किया। ममता बनर्जी ने कहा कि हम अपमानित और अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीटिंग में हमारी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि वे कहते हैं कि उन्होंने जो किया वह सही है। उन्होंने किसी बाहरी कैमरामैन को अंदर नहीं आने दिया। वे भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि करीब दो करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली में लाखों लोगों को ला सकती हूं और उन्हें किसी के भी सामने परेड करवा सकती हूं। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनका हाल जगदीप धनखड़ जैसा होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक उत्सव है लेकिन नाम हटाकर लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब दिया। चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस नेता ने गलत आरोप लगाए। उन्होंने मेज थपथपाई और मीटिंग छोड़कर चली गईं। चुनाव आयोग ने कहा कि मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस नेताओं का रवैया अपमानजनक था। चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि प्रक्रिया निष्पक्ष है।
ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंग भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती की गई थी। ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली डर गया है। उन्होंने कहा कि हम न्याय के लिए आए हैं और ऐसी धमकियां नहीं चलेंगी। दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी के दावों को खारिज किया और कहा कि बंग भवन पर तैनाती सुरक्षा का हिस्सा है।
यह घटना 2 फरवरी 2026 को हुई। ममता बनर्जी ने इससे पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पांच पत्र लिखे थे लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है जिसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को चुनौती दी गई है। याचिका में चुनाव आयोग और राज्य चुनाव अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। ममता बनर्जी ने मांग की है कि पुरानी मतदाता सूची पर ही विधानसभा चुनाव कराए जाएं।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा-चुनाव आयोग का गठजोड़ है। ममता बनर्जी ने कहा कि एक करोड़ से ज्यादा नाम और हटाने की योजना है। उन्होंने आशंका जताई कि लाखों योग्य मतदाता वोटिंग अधिकार से वंचित हो जाएंगे।
ममता बनर्जी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के नाम विशेष रूप से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि मालदा जिले में ही 90 हजार नाम हटाए जा सकते हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि महिलाओं के नाम सरनेम बदलाव के कारण हटाए जा रहे हैं। उन्होंने काली शॉल ओढ़कर विरोध जताया। चुनाव आयोग ने कहा कि सभी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है। चुनाव आयोग ने मीटिंग में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने की बात कही लेकिन आरोपों को आधारहीन बताया। चुनाव आयोग ने कहा कि प्रक्रिया पारदर्शी है और नियमों के अनुसार चल रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से कहा कि कोई कुर्सी स्थायी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने अपमान सहा है लेकिन संघर्ष जारी रखेंगे। यह विवाद पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़ा है। ममता बनर्जी ने पहले भी आरोप लगाए हैं कि 54 लाख से ज्यादा नाम अवैध रूप से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को नोटिस नहीं दिया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने अन्य चुनाव वाले राज्यों को छोड़ दिया।
ममता बनर्जी ने मीटिंग में कहा कि आप हमें क्या कर रहे हैं। आपने 58 लाख लोगों को हटा दिया। यहां बहुत मिसमैच और मिसमैपिंग है। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से कहा कि मैं कह रही हूं कि इस प्रकार का चुनाव आयोग बहुत अहंकारी है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर हमारे साथ बुरा व्यवहार किया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि मीटिंग में उठाए गए मुद्दों का समाधान किया जाएगा लेकिन व्यवहार पर आपत्ति जताई। चुनाव आयोग ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने गलत आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि हम दुखी हैं और अपमानित हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में इतना अनुभव है लेकिन ऐसा CEC पहली बार देखा।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से हूं। मैंने कभी ऐसा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक निश्चित रवैये से बात की। ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी शिकायतों को नहीं सुना गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में गड़बड़ियां हैं। उन्होंने कहा कि केवल बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि असम जैसे राज्य छूट गए। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया। चुनाव आयोग ने कहा कि प्रक्रिया सभी राज्यों के लिए समान है। चुनाव आयोग ने कहा कि मीटिंग में अपमानजनक व्यवहार हुआ। ममता बनर्जी ने कहा कि हम अपमान सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी रहेगा।
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