ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सैयारा' पर कॉपी का गंभीर आरोप, एक्टर-सिंगर का दावा- 2019 की शॉर्ट फिल्म 'ख्वाबों' से चुराई गई कहानी
अमित जाधव ने बताया कि 2022 में उन्हें यश राज फिल्म्स के टैलेंट डिवीजन से इंस्टाग्राम पर मैसेज आया था, जिसमें उनकी शॉर्ट फिल्म की तारीफ की गई और आगे बातचीत की इच्छा ज
- मेकर्स से श्रेय की मांग करते हुए सुसाइड करने की नौबत आई
'सैयारा' 2025 में रिलीज हुई एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की और इसे साल की सबसे सफल हिंदी फिल्मों में शुमार किया गया। अहान पांडे और अनीत पड्डा की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म को निर्देशक मोहित सूरी ने बनाया, और यश राज फिल्म्स के बैनर तले पेश की गई। कहानी में एक युवा जोड़े की भावनात्मक यात्रा, सपनों की खोज और चुनौतियों का सामना करने का चित्रण किया गया है, जो दर्शकों को गहराई से छू गई। फिल्म की सफलता ने नए कलाकारों को स्टारडम प्रदान किया और संगीत तथा निर्देशन की तारीफ हुई। हालांकि, रिलीज के कई महीनों बाद अब इस पर प्लेजरिज्म का विवाद छिड़ गया है। 2019 में एक्टर-सिंगर अमित जाधव ने 'ख्वाबों' नाम की एक म्यूजिकल शॉर्ट फिल्म यूट्यूब पर रिलीज की थी। यह शॉर्ट फिल्म सपनों, संगीत और भावनात्मक संघर्ष पर आधारित थी, जिसमें मुख्य किरदारों की जिंदगी में आने वाली मुश्किलों और उम्मीदों को दर्शाया गया। अमित जाधव ने खुद लेखन, निर्देशन और अभिनय किया था, और यह उनकी क्रिएटिव मेहनत का नतीजा थी। शॉर्ट फिल्म में कुछ खास सीन और थीम्स थे, जैसे कि संगीत के जरिए भावनाओं का व्यक्त होना और जीवन की अनिश्चितताओं से जूझना। यह छोटी लेकिन प्रभावशाली रचना थी, जिसे दर्शकों ने सराहा था।
विवाद तब शुरू हुआ जब अमित जाधव को फिल्म 'सैयारा' देखने के बाद लोगों से फोन और मैसेज आने लगे कि दोनों प्रोजेक्ट्स में कई समानताएं हैं। उन्होंने खुद फिल्म देखी और पाया कि कहानी का मूल ढांचा, कुछ महत्वपूर्ण मोड़ और भावनात्मक कोर काफी मिलते-जुलते हैं। अमित का कहना है कि 'ख्वाबों' की मूल अवधारणा को विस्तार देकर 'सैयारा' में इस्तेमाल किया गया लगता है। उन्होंने सबूत के तौर पर अपनी शॉर्ट फिल्म के सीन और 'सैयारा' के कुछ हिस्सों की तुलना पेश की, जिसमें थीमेटिक ओवरलैप साफ दिखाई देता है। यह आरोप फिल्म की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया। अमित जाधव ने बताया कि 2022 में उन्हें यश राज फिल्म्स के टैलेंट डिवीजन से इंस्टाग्राम पर मैसेज आया था, जिसमें उनकी शॉर्ट फिल्म की तारीफ की गई और आगे बातचीत की इच्छा जताई गई। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम माना और जवाब दिया, लेकिन उसके बाद कोई फॉलो-अप नहीं हुआ। बाद में जब 'सैयारा' की घोषणा हुई और कहानी की जानकारी मिली, तो उन्हें शक हुआ कि उनकी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने मेकर्स से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा, क्योंकि उनकी मेहनत और सपनों पर बनी रचना को बिना किसी मान्यता के इस्तेमाल किया गया महसूस हुआ।
इस पूरे मामले ने अमित जाधव को मानसिक रूप से बहुत प्रभावित किया। उन्होंने खुलासा किया कि आरोप लगाने और कोई श्रेय न मिलने की वजह से स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्होंने सुसाइड करने का प्रयास किया। वे कहते हैं कि उनकी पूरी मेहनत, सपने और क्रिएटिविटी को छीन लिया गया, और उन्हें कुछ भी श्रेय नहीं मिला। यह दौर उनके लिए बेहद कष्टदायक था, जहां वे अकेलेपन और निराशा से जूझते रहे। दोस्तों और परिवार की मदद से वे इस संकट से उबरे, लेकिन भावनात्मक घाव अब भी बाकी हैं। फिल्म इंडस्ट्री में प्लेजरिज्म के आरोप अक्सर सामने आते हैं, खासकर जब छोटे क्रिएटर्स की रचनाएं बड़े प्रोजेक्ट्स से मिलती-जुलती दिखती हैं। 'सैयारा' के मामले में अभी तक मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न तो निर्देशक मोहित सूरी और न ही प्रोडक्शन हाउस ने आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। इससे विवाद और बढ़ गया है, क्योंकि दर्शक और इंडस्ट्री वाले दोनों पक्षों की सुनना चाहते हैं। कुछ लोग इसे संयोग मानते हैं, जबकि अन्य इसे गंभीर मुद्दा बताते हैं।
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