बिहार चुनाव: प्रशांत किशोर का तेजस्वी यादव पर हमला, राघोपुर में तीसरा स्थान दिलाने का दावा, महागठबंधन पर टिकट बिक्री का आरोप।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राघोपुर विधानसभा सीट से तेजस्वी को तीसरे नंबर पर धकेल देगी। किशोर ने खुद इस सीट से चुनाव न लड़ने का ऐलान किया, लेकिन कहा कि पार्टी ने चंचल सिंह को उम्मीदवार बनाया है। महागठबंधन पर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन को पहले स्पष्ट करना चाहिए कि विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी उनके साथ हैं या नहीं। सहनी ने बिना एक भी सीट पर लड़ने की घोषणा किए डिप्टी सीएम बनने का दावा किया है। किशोर ने महागठबंधन पर करोड़ों में टिकट बेचने का भी इल्जाम लगाया। कई जगहों पर गठबंधन के दो दलों ने उम्मीदवार उतार दिए हैं। यह बयान चुनावी माहौल को और गरमा रहा है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है। 11 अक्टूबर को उन्होंने अपना प्रचार अभियान राघोपुर से शुरू किया। यह सीट वैशाली जिले में है, जो यादव परिवार का गढ़ मानी जाती है। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अब तेजस्वी यहां से विधायक रह चुके हैं। किशोर ने ग्रामीणों से कहा कि तेजस्वी दो बार डिप्टी सीएम रह चुके हैं, लेकिन इलाके में सड़कें, स्कूल और बुनियादी सुविधाएं अब भी चरमराई हुई हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कभी तेजस्वी से कोई समस्या साझा कर पाए। ग्रामीणों ने बताया कि वे कभी मिले ही नहीं। किशोर ने इसे जातिवाद पर वोट डालने का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अगर वे खुद लड़ते, तो तेजस्वी को राहुल गांधी की तरह अमेठी से हार का सामना करना पड़ता। लेकिन पार्टी हित में उन्होंने कदम पीछे खींच लिया। चंचल सिंह पूर्व जेडीयू सदस्य हैं और जन सुराज की युवा इकाई के उपाध्यक्ष। किशोर का मानना है कि यह फैसला पार्टी को मजबूत करेगा।
राघोपुर में तेजस्वी का परिवार मजबूत पकड़ रखता है। 2015 और 2020 में उन्होंने भारी अंतर से जीत हासिल की। 2020 में उन्हें 67,000 से ज्यादा वोट मिले। लेकिन किशोर का दावा है कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि जन सुराज या तो भारी जीतेगी या पूरी तरह हारेगी। कोई बीच का रास्ता नहीं। पार्टी ने अब तक 116 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। पहले चरण में 51 और दूसरे में 65 नाम। इसमें डॉक्टर, वकील, इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। किशोर ने कहा कि टिकट जाति के अनुपात में दिए गए हैं। अत्यंत पिछड़े वर्ग को एक तिहाई सीटें मिलीं। उन्होंने महागठबंधन पर तंज कसा कि वे सामाजिक न्याय की बात करते हैं, लेकिन टिकट परिवारवाद के लिए इस्तेमाल करते हैं। जन सुराज बिहार को बदलेगी, विकास पर फोकस करेगी।
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर उलझन बनी हुई है। राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, वीआईपी, वाम दलों और झामुमो के बीच बातचीत चल रही है। किशोर ने कहा कि गठबंधन को पहले मुकेश सहनी की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सहनी ने कहा है कि वे डिप्टी सीएम बनेंगे, लेकिन वीआईपी को 15 सीटें मिलने की खबर है। पहले 18 सीटों की मांग थी। सहनी ने कहा कि उन्हें राज्यसभा और दो विधान परिषद सीटें मिलेंगी। लेकिन बिना घोषणा के डिप्टी सीएम का दावा हवा में लटका है। किशोर ने इसे गठबंधन की कमजोरी बताया। कहा कि यह भ्रष्टाचार का बंटवारा है। कौन ज्यादा लूटेगा, कौन मंत्री बनेगा। जनता देख रही है। कई जगहों पर आरजेडी और वीआईपी या अन्य सहयोगी दलों ने उम्मीदवार उतार दिए। जैसे सीतामढ़ी और मधुबनी में टकराव। इससे वोट बंट सकता है।
किशोर ने महागठबंधन पर टिकट बिक्री का गंभीर आरोप लगाया। कहा कि इस बार खुलेआम करोड़ों में टिकट बेचे जा रहे हैं। अमीर उम्मीदवार ही खरीद पा रहे। गरीब कार्यकर्ता बाहर। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक न्याय का मजाक है। जन सुराज में ऐसा नहीं होगा। पार्टी ने ईबीसी, दलित और अल्पसंख्यकों को उचित प्रतिनिधित्व दिया। किशोर ने एनडीए पर भी निशाना साधा। कहा कि नीतीश कुमार का अंतिम कार्यकाल है। जेडीयू 25 सीटों से ज्यादा नहीं जीतेगी। भाजपा उन्हें फिर सीएम नहीं बनाएगी। महागठबंधन भी कमजोर पड़ेगा। जन सुराज तीसरा विकल्प बनेगी। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता मिली, तो पहले महीने में 100 सबसे भ्रष्ट राजनेताओं और नौकरशाहों की संपत्ति जब्त करेंगे। बिहार को सुधारने में समय लगेगा, लेकिन वादा निभाएंगे।
बिहार चुनाव दो चरणों में होंगे। पहला चरण 6 नवंबर को 102 सीटों पर। दूसरा 11 नवंबर को 141 पर। मतगणना 14 नवंबर को। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर। एनडीए ने सीट बंटवारा पूरा कर लिया। भाजपा 160, जेडीयू 50, अन्य सहयोगी बाकी। भाजपा ने दो सूचियां जारी कीं। इसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा शामिल। जेडीयू ने 101 उम्मीदवार घोषित किए। महागठबंधन में अभी असमंजस। आरजेडी को 135, कांग्रेस को 61-63, वीआईपी को 15, वाम दलों को 30-35 सीटें मिल सकती हैं। लेकिन विवाद बरकरार। तेजस्वी ने कहा कि वे सभी 243 सीटों पर लड़ रहे हैं। राघोपुर से नामांकन भर चुके हैं। कहा कि बिहार को समृद्ध बनाएंगे। हर परिवार में एक नौकरी। बेरोजगारी मिटाएंगे।
किशोर का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई यूजर्स ने उनकी हिम्मत की तारीफ की। कहा कि वे सच्चाई बोलते हैं। कुछ ने महागठबंधन की कमजोरी पर सवाल उठाए। एक पोस्ट में लिखा कि टिकट बिक्री की सच्चाई सामने आ गई। लेकिन आलोचक कहते हैं कि जन सुराज नया खिलाड़ी है। वोट बंटवाने का काम करेगी। एनडीए को फायदा। किशोर ने जवाब दिया कि हम जीतेंगे या हारेंगे, लेकिन बदलाव लाएंगे। बिहार की जनता जाति से ऊपर उठे। विकास चुनें। उन्होंने कहा कि मंडल आयोग के बाद उठे नेता अब परिवार चला रहे। उनका हिसाब मांगा जाएगा।
यह चुनाव बिहार के भविष्य का है। युवा नाराज हैं। बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दे। किशोर ने युवाओं से अपील की कि जन सुराज उनका साथ दे। पार्टी ने सीमांचल में मुस्लिम बहुल इलाकों पर फोकस किया। ओवैसी की एआईएमआईएम से टक्कर। लेकिन किशोर का दावा है कि वे नई हवा लाएंगे। तेजस्वी ने पलटवार किया। कहा कि किशोर रणनीतिकार हैं, नेता नहीं। जनता आरजेडी चुनेगी। महागठबंधन एकजुट रहेगा। सहनी ने कहा कि वे गठबंधन में हैं। डिप्टी सीएम का वादा निभेगा। लेकिन किशोर ने इसे हवा का झोंका बताया।
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