Varanasi : पूर्वांचल में एआई और ड्रोन की मदद से पहली हाईटेक कार्रवाई- वाराणसी से मिर्जापुर तक आयकर विभाग द्वारा खनन कारोबारियों पर छापे में करोड़ों की संपत्ति जब्त
यह पूर्वांचल में एआई और ड्रोन की मदद से पहली ऐसी हाईटेक कार्रवाई बताई जा रही है। छापेमारी में अब तक 10 करोड़ रुपये की नकदी और संपत्ति जब्त की गई है। जांच में कई बेनामी खाते
पूर्वांचल में आयकर विभाग ने खनन कारोबार में बड़े पैमाने पर अनियमितता के खिलाफ सख्त कदम उठाया। विभाग की 200 सदस्यीय टीम ने वाराणसी, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में छह प्रमुख खनन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। दिल्ली से आई तकनीकी टीम और गूगल की मदद से खदानों का हवाई सर्वेक्षण किया गया। ड्रोन मैपिंग से खदानों की असली स्थिति जांची गई और एआई सॉफ्टवेयर ने चार घंटे में डेटा का विश्लेषण कर अवैध खनन और स्टॉक की सटीक जानकारी दी।
यह पूर्वांचल में एआई और ड्रोन की मदद से पहली ऐसी हाईटेक कार्रवाई बताई जा रही है। छापेमारी में अब तक 10 करोड़ रुपये की नकदी और संपत्ति जब्त की गई है। जांच में कई बेनामी खाते और संदिग्ध निवेश के कागज मिले हैं। विभाग ने 10 मुख्य बैंक खातों पर तुरंत रोक लगा दी। अधिकारियों के अनुसार इस बड़े घोटाले में खनन कारोबारी ही नहीं बल्कि खनन विभाग के कुछ प्रभावशाली अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।
टीमें अभी दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। डिजिटल साक्ष्य और जब्त कागजों से कई अन्य लोगों और अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं। जब्ती का आंकड़ा और बढ़ सकता है। छापेमारी के बाद पूर्वांचल के खनन कारोबारियों में खलबली मची है। अन्य जिलों के कारोबारियों ने भी अपने रिकॉर्ड संभालने शुरू कर दिए हैं।
Also Click : Sambhal : वक्त की कमी और कानूनी पेच में उलझा 'नेजा मेला', अध्यक्ष शाहिद मसूदी बोले- अब सुप्रीम कोर्ट की तैयारी?
What's Your Reaction?











