Sambhal: विवादित फिल्मों और वेब सीरीज़ पर धर्मगुरु का तीखा बयान: नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर लगे सख्त रोक, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग। 

सम्भल में हाल ही में रिलीज़ किए गए फिल्म कल्कि के पोस्टर, फिल्म गोदान और नेटफ्लिक्स वेब सीरीज़ घूसखोर पंडत को लेकर धार्मिक और

Feb 7, 2026 - 20:43
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Sambhal: विवादित फिल्मों और वेब सीरीज़ पर धर्मगुरु का तीखा बयान: नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर लगे सख्त रोक, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग। 
मौलाना वसी अशरफ, धर्मगुरु

उवैस दानिश, सम्भल 

सम्भल में हाल ही में रिलीज़ किए गए फिल्म कल्कि के पोस्टर, फिल्म गोदान और नेटफ्लिक्स वेब सीरीज़ घूसखोर पंडत को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज़ हो गई है। इन मुद्दों पर धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसे कंटेंट को समाज के लिए नुकसानदेह बताया है।

धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ ने कल्कि फिल्म के पोस्टर में दिखाए गए ‘अब्बा जान’ और ‘भाई जान’ जैसे किरदारों पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस तरह की फिल्में समाज में नफरत पैदा करती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे कंटेंट से आपसी भाईचारा कमजोर होता है और यही नफरत आगे चलकर दंगे और लूटपाट का कारण बनती है। धर्मगुरु ने सेंसर बोर्ड से अपील की कि ऐसी फिल्मों को पास न किया जाए और सरकार को भी चाहिए कि शांति बनाए रखने के लिए इन पर सख्त प्रतिबंध लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री के नारे “सबका साथ, सबका विकास” का ज़िक्र करते हुए कहा कि नफरत फैलाने वाले काम इस सोच को खोखला कर देते हैं। फिल्म गोदान को लेकर भी धर्मगुरु ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस्लाम में गाय के गोश्त को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं और मुसलमान अपने रसूल की शिक्षाओं का पालन करते हैं। उन्होंने मांग की कि जहां भी गौ-हत्या हो रही है, उस पर रोक लगे और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, ताकि समाज में सौहार्द बना रहे। नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ घूसखोर पंडत पर बढ़ते विवाद के बीच हजरत ने संत-महात्माओं के समर्थन में खुलकर बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, जाति या धार्मिक पद से जुड़े व्यक्ति को निशाना बनाना गलत है। हजरत ने सूफियों और धार्मिक नेताओं से अपील की कि वे एक-दूसरे के साथ खड़े हों और समाज में आपसी सम्मान व भाईचारे की मिसाल पेश करें। कुल मिलाकर, धर्मगुरु ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि ऐसे कंटेंट पर सख्त कार्रवाई हो, जो समाज में नफरत और तनाव फैलाने का काम करता है, ताकि देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब और शांति कायम रह सके।

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