Sambhal: दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाकर 5–6 हजार करने की मांग, 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय विकलांग महिला सशक्तिकरण विकास फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौहम्मद कासिम ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर
उवैस दानिश, सम्भल
राष्ट्रीय विकलांग महिला सशक्तिकरण विकास फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौहम्मद कासिम ने दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर सरकार से बड़ी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को दिव्यांगों का बजट पास होने जा रहा है, ऐसे में सरकार को दिव्यांगों के लिए बड़ा फैसला लेना चाहिए।
मौहम्मद कासिम ने कहा कि वर्तमान में दिव्यांगों को मिलने वाली 1000 रुपये की पेंशन को बढ़ाकर 5–6 हजार रुपये किया जाए और “एक देश, एक पेंशन” की व्यवस्था लागू हो। साथ ही दिव्यांगजनों के सामान्य राशन कार्ड को अंत्योदय कार्ड में बदला जाए, उन्हें आवास की सुविधा मिले और बिजली कनेक्शन व बिजली बिल पूरी तरह मुफ्त किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील, आरटीओ, डीएम और एडीएम कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए अलग पोर्टल और प्राथमिकता व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई भी दिव्यांग लाइन में खड़ा न रहे। दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 का हवाला देते हुए उन्होंने सभी सरकारी दफ्तरों में रैम्प, स्क्राइब और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की। रोज़गार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इंटर, बीए, एमए, बीएड स्पेशल और एमएड योग्यताधारी दिव्यांगों को बिना इंटरव्यू नौकरी दी जाए। अगर सरकार पेंशन नहीं बढ़ाती है तो कम से कम चपरासी या बाबू जैसे पदों पर रोजगार दिया जाए, ताकि दिव्यांगजन भटकने को मजबूर न हों। इस संबंध में फाउंडेशन की ओर से 21 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया, जिसे उनके माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को भेजा गया है। मौहम्मद कासिम ने बताया कि वे पिछले 9 वर्षों से लखनऊ से दिल्ली तक लगातार ज्ञापन देकर अपनी मांगें उठाते आ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 11 फरवरी को पास होने वाले दिव्यांग बजट में सरकार दिव्यांगजनों को बड़ा तोहफा देगी और उनकी लंबित मांगों को पूरा करेगी।
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