उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर कड़ी प्रतिक्रिया, ब्राह्मण समाज को टारगेट करने की बात कही। 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान आगामी OTT फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया

By INA News Desk
Feb 7, 2026 - 13:26
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उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर कड़ी प्रतिक्रिया, ब्राह्मण समाज को टारगेट करने की बात कही। 
उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की 'घूसखोर पंडत' फिल्म पर कड़ी प्रतिक्रिया, ब्राह्मण समाज को टारगेट करने की बात कही। 
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  • OTT फिल्म विवाद: ब्राह्मण समाज अपमान पर पाठक का विरोध, प्रदर्शन रोकने की मांग उठी
  • केंद्र सरकार का एक्शन: 'घूसखोर पंडत' टाइटल हटाने के निर्देश, पाठक अनुरोध पर त्वरित कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान आगामी OTT फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया के लोग भारत की संस्कृति को, खासकर ब्राह्मण समाज को टारगेट कर रहे हैं। यह बहुत ही निंदनीय है। इस प्रकार के जो चलचित्र हैं वह समाज में प्रदर्शित नहीं होने चाहिए। इसकी मैं घोर निंदा करता हूं। यह बयान हरिद्वार में दिया गया, जहां वे एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। फिल्म का टीजर OTT प्लेटफॉर्म पर लॉन्च होने के बाद विवाद शुरू हुआ था। फिल्म का शीर्षक 'घूसखोर पंडत' है, जिस पर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई है। फिल्म में मुख्य भूमिका मनोज बाजपेयी निभा रहे हैं। विवाद के बाद उत्तर प्रदेश में इस फिल्म के शीर्षक को लेकर मामला दर्ज किया गया।

फिल्म 'घूसखोर पंडत' OTT प्लेटफॉर्म Netflix पर रिलीज होने वाली है। इसका टीजर जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। लोगों का आरोप है कि फिल्म के शीर्षक से एक विशेष जाति वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। विवाद बढ़ने पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि फिल्म का शीर्षक हटाया जाए। उनके अनुरोध पर केंद्र सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म को शीर्षक हटाने के निर्देश दिए। साथ ही, भविष्य में किसी भी वर्ग विशेष पर अनुचित टिप्पणी को फिल्मों, वेब सीरीज या अन्य माध्यमों में अमल में न लाने के निर्देश जारी किए गए। इससे सामाजिक वैमनस्य फैलने की संभावना को रोका जा सके। ब्रजेश पाठक ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

विवाद की शुरुआत फिल्म के टीजर से हुई, जिसमें शीर्षक 'घूसखोर पंडत' दिखाया गया। ब्राह्मण समाज ने इसे अपमानजनक माना। मेरठ में एक सोसाइटी ने फिल्म के निर्देशक को कानूनी नोटिस भेजा। सोसाइटी के महासचिव ने नेटफ्लिक्स और निर्माताओं पर आपत्ति जताई। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के निर्देशक और टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में की गई। थाना प्रभारी ने OTT प्लेटफॉर्म पर प्रचारित सामग्री को प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाया।

  • ब्रजेश पाठक का पूरा बयान

हरिद्वार में ब्रजेश पाठक ने कहा कि देश में एक वर्ग विशेष, विशेषकर ब्राह्मण समाज को लगातार निशाना बनाया जाना निंदनीय है। फिल्मी दुनिया के लोग भारत की संस्कृति को टारगेट कर रहे हैं। ऐसी फिल्में समाज में प्रदर्शित नहीं होनी चाहिए। इसकी घोर निंदा करता हूं। यह बयान फिल्म के टीजर लॉन्च होने के बाद दिया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई। इसी के तहत OTT प्लेटफॉर्म पर प्रचारित फिल्म 'घूसखोर पंडत' के खिलाफ कार्रवाई की गई। लखनऊ में थाना हजरतगंज में FIR दर्ज हुई। फिल्म का कंटेंट प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाया गया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि OTT पर टीजर लॉन्च होते ही ब्राह्मण समाज आहत हुआ था। उन्होंने केंद्र सरकार से शीर्षक हटाने का अनुरोध किया। केंद्र सरकार ने अनुरोध मानते हुए निर्देश जारी किए।

ब्राह्मण समाज ने फिल्म के शीर्षक पर विरोध दर्ज कराया। मेरठ चलचित्र सोसाइटी ने फिल्म 'घूसखोर पंडत' के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति जताई। सोसाइटी ने नेटफ्लिक्स और निर्माताओं को नोटिस भेजा। फिल्म जल्द प्रदर्शित होने वाली है। विरोध में ब्राह्मण समाज ने Netflix से माफी की मांग की। भोपाल में भी ब्राह्मण समाज द्वारा प्रदर्शन किया गया। उत्तर प्रदेश में विवाद बढ़ने पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा हुई।

  • केंद्र सरकार के निर्देश का विवरण

केंद्र सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म को 'घूसखोर पंडत' का शीर्षक हटाने के निर्देश दिए। भविष्य में किसी वर्ग विशेष पर अनुचित टिप्पणी न लाने के निर्देश। सामाजिक सद्भाव को नुकसान न पहुंचे। ब्रजेश पाठक ने आभार व्यक्त किया।

फिल्म के निर्देशक और टीम के खिलाफ लखनऊ में FIR दर्ज की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति के तहत कार्रवाई हुई। OTT प्लेटफॉर्म पर प्रचारित सामग्री को आपत्तिजनक माना गया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत सरकार ने सभी OTT प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए कि किसी समाज या वर्ग के लिए अपमानजनक टाइटल का इस्तेमाल न किया जाए। विवाद बढ़ने पर सरकार ने एक्शन लिया।

विवाद के बाद ब्रजेश पाठक ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया। OTT प्लेटफॉर्म से शीर्षक हटाने का अनुरोध किया गया। टीजर लॉन्च होते ही ब्राह्मण समाज आहत हुआ। भारत सरकार ने अनुरोध मानते हुए निर्देश दिए। OTT प्लेटफॉर्म को टाइटल हटाने के सख्त निर्देश। सामाजिक सद्भाव को नुकसान न पहुंचे। डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। विवादित शीर्षक पर केंद्र सरकार की त्वरित कार्रवाई हुई।

  • FIR दर्ज होने का कारण

लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज। समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप। फिल्म का शीर्षक और प्रचारित सामग्री आपत्तिजनक। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई।

ब्रजेश पाठक ने मुरादाबाद में कहा कि सरकार जाति या किसी वर्ग के नाम पर वैमनस्य फैलाने की अनुमति नहीं देगी। OTT प्लेटफॉर्म पर प्रसारित 'घूसखोर पंडित' शीर्षक को लेकर उठे विवाद पर यह बात कही। ब्राह्मण समाज को निशाना बनाना निंदनीय है। केंद्र सरकार ने फिल्म मेकर्स को बैकफुट पर ला दिया।

फिल्म का विवाद हरिद्वार से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में फैला। मेरठ में सोसाइटी ने विरोध किया। भोपाल में प्रदर्शन हुए। Netflix पर रिलीज से पहले कानूनी पचड़ों में फंसी फिल्म। टीजर रिलीज के बाद बवाल शुरू। ब्राह्मण समाज ने माफी मांगी।

  • ब्राह्मण समाज का विरोध

ब्राह्मण समाज ने शीर्षक को अपमानजनक माना। मेरठ सोसाइटी ने नोटिस भेजा। भोपाल में प्रदर्शन। Netflix से माफी की मांग। उत्तर प्रदेश में विवाद बढ़ा। ब्रजेश पाठक ने कहा कि केंद्र सरकार की पहल पर फिल्म मेकर्स बैकफुट पर आए। OTT प्लेटफॉर्म को निर्देश दिए गए। किसी समाज के लिए अपमानजनक टाइटल न इस्तेमाल करें। विवाद बढ़ने पर एक्शन लिया गया। फिल्म के शीर्षक पर कार्रवाई के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के निर्देश। सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर जोर। ब्रजेश पाठक के अनुरोध पर त्वरित प्रतिक्रिया।

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