Agra : आगरा में यमुना अविरल-निर्मल पदयात्रा, जल सहेलियों ने लोगों से नदी बचाने की अपील की

जल सहेलियों ने बताया कि यह पदयात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को जल के प्रति जिम्मेदार बनाने का प्रयास है। यात्रा के दौरान जल सहेलियां यमुना के किनारे सफाई

Feb 10, 2026 - 22:25
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Agra : आगरा में यमुना अविरल-निर्मल पदयात्रा, जल सहेलियों ने लोगों से नदी बचाने की अपील की
Agra : आगरा में यमुना अविरल-निर्मल पदयात्रा, जल सहेलियों ने लोगों से नदी बचाने की अपील की

आगरा। यमुना की अविरलता और निर्मलता के संकल्प के साथ चल रही यमुना अविरल-निर्मल पदयात्रा आगरा पहुंची। यहां जल सहेलियों ने लोगों से अपनी नदी को बचाने के लिए आगे आने की अपील की। बुंदेलखंड के जल संरक्षक डॉक्टर संजय सिंह के नेतृत्व में जल सहेली समिति की यह यात्रा पचनद से दिल्ली के बसुदेव घाट की ओर बढ़ रही है।

डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि यमुना सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार है। अगर समाज खुद जिम्मेदारी नहीं लेगा, तो नदी को बचाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आगरा के लोगों से जल संरक्षण, प्रदूषण रोकने और नदी किनारों की सफाई में हिस्सा लेने की अपील की। जल सहेली संगठन ने ग्रामीण महिलाओं को जल प्रबंधन में आगे लाया है। संगठन के जरिए बुंदेलखंड के सूखे इलाकों में तालाबों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संग्रह और सामुदायिक जल प्रबंधन का सफल मॉडल बनाया गया है, जिससे हजारों लोगों को फायदा हुआ है। यही अनुभव अब यमुना संरक्षण अभियान में काम आ रहा है, जहां जल सहेलियां गांव-गांव जाकर लोगों से बात कर रही हैं और जल जागरूकता फैला रही हैं।

जल सहेली संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा कुशवाहा ने यमुना की मौजूदा हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यमुना के संरक्षण के लिए आगरा वासियों को आगे आना चाहिए। यमुना को बचाने के लिए निजी सुविधा और स्वार्थ छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि यमुना की दुर्दशा देखकर सभी जल सहेलियां बहुत दुखी हैं। यमुना के कारण ही आगरा में ताजमहल बना है, लेकिन आज उसकी हालत बहुत खराब है।उन्होंने आगे कहा कि नदियों के लिए कई नीतियां बन चुकी हैं, लेकिन अब सिर्फ नीति नहीं बल्कि सख्त कानून बनाने चाहिए, ताकि नदियों का असली संरक्षण हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि आज यमुना आईसीयू में पहुंच गई है। जिस तरह जल सहेलियां अपना घर-परिवार छोड़कर नदी बचाने के लिए पदयात्रा कर रही हैं, उसी तरह आगरा के लोगों को भी खड़े पानी, प्रदूषण और नदी की बिगड़ती हालत को सुधारने के लिए आगे आना होगा।

इस दौरान आगरा के हाथी घाट पर जल सहेलियों ने यमुना आरती का आयोजन किया। यमुना का पूजन किया गया, दीप जलाए गए और अविरल-निर्मल यमुना का सामूहिक संकल्प लिया गया। स्थानीय लोग, युवा और सामाजिक संगठनों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर नदी संरक्षण की शपथ ली।

जल सहेलियों ने बताया कि यह पदयात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को जल के प्रति जिम्मेदार बनाने का प्रयास है। यात्रा के दौरान जल सहेलियां यमुना के किनारे सफाई कर रही हैं, सहायक नदियों की स्थिति का अध्ययन कर रही हैं और लोगों को जल संरक्षण के पुराने तरीकों से जोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कभी यमुना की अविरलता और निर्मलता को देखकर ही ताजमहल का निर्माण इसके किनारे किया गया था, लेकिन आज नदी की स्थिति चिंताजनक है।इस मौके पर पंडित अश्वनी मिश्रा, डॉक्टर धीरज मोहन सिंघल, सुधीर पचौरी, अशोक अग्रवाल, अनिल मिश्रा, मुकेश शर्मा, राजेश अग्रवाल, अनिल शर्मा, असलम सलीम, राजेश कुमार, नमामि गंगे के डीपीओ शुभम सक्सेना और महेश शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। यात्रा आगे भी विभिन्न जगहों पर लोगों से बातचीत, जल आरती और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए दिल्ली की ओर बढ़ेगी।

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