Lucknow : खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के ठोस प्रयास

उप मुख्यमंत्री मौर्य के मार्गदर्शन मे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को  लगातार स्वीकृति मिल रही है और उत्तर प्रदेश  निवेशकों की  पसंद बन रहा है।खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवा

By INA News Desk
Feb 10, 2026 - 22:28
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  • उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की  पसंद, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिल रही लगातार स्वीकृति
  • उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 से उद्यमियों को मिलेगा नया आयाम
  • खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे रोजगार की अपार सम्भावनायें
  • स्थानीय किसानों को मिलेगा लाभ, गांव-गांव तक पहुँचेगा औद्योगिक समन्वय
  • यूपी मे फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री बनेगी निवेश व रोजगार का नया केंद्र -किसानों से युवाओं तक लाभ ही लाभ
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिला बढ़ावा: यूपी में अप्रेजल समिति द्वारा 15 नये प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
  • इन  मंजूर प्रोजेक्ट को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जायेगा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने  कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे  किसानो व उद्यमियो की आमदनी बढ़ाने  तथा युवाओं  के लिए रोजगार की अपार सम्भावनायें है। उन्होने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये हैं कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत दी जा रही सुविधाओं तथा प्रदत्त व प्राविधानित अनुदान आदि के बारे मे लोगो को जागरूक व प्रेरित किया जाय, ताकि अधिक से अधिक उद्यम स्थापित हो सकें। इस दिशा मे  खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा बहुत तेजी से कार्य किया जा रहा है।उन्होंने निर्देश दिये हैं कि खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानो के उत्पादो का अधिक से अधिक दाम दिलायें। विकसित भारत के निर्माण मे खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान रहेगा।

उप मुख्यमंत्री मौर्य के मार्गदर्शन मे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को  लगातार स्वीकृति मिल रही है और उत्तर प्रदेश  निवेशकों की  पसंद बन रहा है।खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के ठोस प्रयास किये जा रहे हैं।उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 से उद्यमियों को नये आयाम मिल रहे हैं।खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे रोजगार की अपार सम्भावनायें हैं। नीति से स्थानीय किसानों को  लाभ मिलेगा और गांव-गांव तक  औद्योगिक समन्वय पहुंच रहा है।यूपी मे फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री  निवेश व रोजगार का नया केंद्र बन रही है।

खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा देश की सर्वोत्तम उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के माध्यम से प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनायें संचालित है। इस योजना में फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, दुग्ध प्रसंस्करण, रेडी टू इट/रेडी टू कुक खाद्य पदार्थ/ ब्रेक फास्ट सिरियल्स/स्नैक्स/बेकरी एवं अन्य खाद्य पदार्थ, अनाज / दाल एवं तिलहन प्रसंस्करण, अन्य कृषि/बागवानी उत्पाद-स्पाइस, सोयाबीन, मशरूम प्रसंस्करण, शहद प्रसंस्करण, कोको उत्पाद, गुड आधारित वैल्यू एडेड उत्पाद, फूट जूस/पल्पस तैयार कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, अन्य क्षेत्र के खाद्य उत्पादों जो मानव उपयोग के लिए उपयुक्त हैं, एवं मुर्गी/ मछली चारा निर्माण इकाई जैसे सेक्टर्स आच्छादित है,

उप मुख्यमंत्री के निर्देशो के क्रम मे  विभाग द्वारा बहुत ही प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। इसी कड़ी मे उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण हेतु अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन, बी एल मीना की  अध्यक्षता में मंगलवार को  रेशम निदेशालय गोमतीनगर लखनऊ अप्रैजल समिति की बैठक खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में 16 प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया जिसके सापेक्ष 15 प्रस्तावों को समिति द्वारा नीति अंतर्गत प्रदत्त व्यवस्था के अनुसार अर्ह पाया गया तथा एस०एल०ई०सी० के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की अनुसंशा की गयी। इनमे  लगभग रू0 140 करोड़ के निवेश  होगे।

अप्रेजल में जनपद कानपुर नगर का 02, कानपुर देहात का 01, हाथरस का 01, एटा का 01, शाहजहाँपुर का 01, शामली का 01, अमेठी का 02, प्रयागराज का 01, गोरखपुर का 01, जालौन का 01, कुशीनगर का 01, बाराबंकी का 01, बाराणसी का 01 एवं मुरादाबाद का 01 प्रोजेक्ट सम्मिलित किया गया, जिसमे 15 प्रोजेक्ट की मंजूरी अप्रेजल समिति द्वारा की गयी

इन15 प्रोजेक्ट्स में से सोलर प्रोजेक्ट्स-06, डेयरी प्रोड्क्ट्स-01, रेडी टू कूक-01, रेडी टू ईट-01, कुक्कुट आहार-01, प्रोजेन फ्रूट एवं वेजिटेबल-01, लिक्विड ग्लूकोज-01, डी-आयल्ड -01, टोमैटो सास-01, एवं ट्रांस्पोर्ट सब्सिडी 01 प्रोजेक्ट को आगामी एस०एल०ई०सी० में प्रस्तुत किये जाने की संस्तुति की गयी। इसके अतिरिक्त मिल्क, चीज, बटर, पनीर, दही से संबन्धित सहारपुर के 01 प्रोजेक्ट को भी आगामी एस०एल०ई०सी० में प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिए गये।

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