बिजली व्यवस्था में सुधार: यूपी में गलत बिलिंग पर होगी सख्त कार्रवाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रैंडम जांच
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए ऊर्जा विभाग सख्त हो गया है। गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय होगी और डिस्कॉम एमडी हर हफ्ते बिलों की जांच करेंगे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण तंत्र को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए शासन स्तर पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने बिजली निगमों के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में राजस्व संग्रह बढ़ाने, लाइन हानियों को न्यूनतम करने और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं में सुधार लाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.
समीक्षा बैठक के दौरान पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी वितरण निगमों (डिस्कॉम) के प्रबंध निदेशक जुड़े रहे। ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिजली का बिल उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
गलत बिलिंग पर नकेल और रैंडम जांच
बिजली बिलों में गड़बड़ी और अत्यधिक बिल आने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गलत बिलों को तत्काल प्रभाव से ठीक किया जाए। बिल संशोधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे हर सप्ताह कम से कम सात से दस उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की रैंडम जांच स्वयं करें। लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व प्राप्ति और लाइन हानि में सुधार के निर्देश
वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों की समीक्षा के दौरान कम थ्रू रेट वाले फीडरों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे क्षेत्रों में राजस्व प्राप्ति और थ्रू रेट की स्थिति पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में बकायेदारों से वसूली तेज करने के लिए ग्राम प्रधानों को पत्र भेजने तथा बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ट्रांसफार्मर की क्षति को रोकने और कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों पर फ्यूज सेट लगाने के कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया है।
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