यूपी में बिजली तंत्र का आधुनिकीकरण तेज: बिजनेस प्लान और आरडीएसएस से सुधरेगी आपूर्ति, रात में हो रहा मेंटेनेंस
उत्तर प्रदेश में बिजनेस प्लान 2026-27 और आरडीएसएस के तहत बिजली उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण व केबलिंग का काम तेज हो गया है। पांचों डिस्कॉम में रात को मेंटेनेंस जारी है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण प्रणाली को आधुनिक, सुदृढ़ और पूरी तरह भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है। राज्य सरकार के बिजनेस प्लान वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों में बिजली उपकेंद्रों के नवीनीकरण, केबल बिछाने और विद्युत बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के कार्य प्रगति पर हैं। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य ट्रांसमिशन और वितरण तंत्र की क्षमता बढ़ाकर आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
विद्युत आपूर्ति में आने वाले व्यवधानों को न्यूनतम करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने पांचों वितरण कंपनियों—पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और केस्को के अंतर्गत रात्रिकालीन मेंटेनेंस व्यवस्था लागू की है। विभागीय टीमें रात के समय उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों, हाईटेंशन लाइनों और स्थानीय वितरण नेटवर्क का सघन निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कर रही हैं, ताकि दिन के समय उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।
बिजली आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और उपकेंद्रों का औचक निरीक्षण कर उपकरणों के उचित रखरखाव के निर्देश दे रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से संचालित पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के माध्यम से भी वितरण नेटवर्क को तकनीकी रूप से उन्नत किया जा रहा है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सुगम सेवाएं देने के लिए स्मार्ट मीटरिंग और सिस्टम अपग्रेडेशन के कार्य भी तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं।
इसके अलावा, बिजली व्यवस्था के सुचारु संचालन और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के उद्देश्य से विभाग की ओर से उपभोक्ताओं से समय पर बिल भुगतान करने का अनुरोध किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समयबद्ध बिल भुगतान से वितरण ढांचे के रखरखाव और विस्तार कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद मिलती है।
यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और निर्बाध बिजली देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजनेस प्लान 2026-27 और आरडीएसएस के तहत चल रहे कार्यों से राज्य के समग्र विद्युत ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। विभागीय टीमें दिन-रात नेटवर्क की मजबूती के लिए जुटी हुई हैं, जिससे भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सके।
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