विपक्ष को बोलने से रोकना लोकतंत्र पर कलंक', लोकसभा में हंगामे के बाद राहुल गांधी ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी, विपक्ष ने हाउस चेयर को 'यार' कहा।
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर रोक लगने के बीच विपक्षी और सत्ताधारी सदस्यों के बीच तीखा हंगामा हुआ जहां हाउस चेयर को 'यार' कहे जाने
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर रोक लगने के बीच विपक्षी और सत्ताधारी सदस्यों के बीच तीखा हंगामा हुआ जहां हाउस चेयर को 'यार' कहे जाने पर चेयरमैन कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने कड़ी आपत्ति जताई और विपक्ष को फटकार लगाई जबकि कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सफाई दी कि यह कोई गाली नहीं थी। यह घटना राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरावणे की अनप्रकाशित किताब के हवाले से गलवान मुद्दे पर बोलने की कोशिश के दौरान हुई जिसमें सदन में अराजकता फैल गई और आठ सांसदों को सस्पेंड किया गया।
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर रोक लगने के बीच विपक्षी सदस्यों और सरकार की तरफ से मौजूद सांसदों के बीच हंगामा हुआ। राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष के रूप में बोलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन सदन में अराजकता फैल गई। विपक्ष की ओर से किसी सदस्य ने हाउस चेयर के लिए 'यार' शब्द का प्रयोग किया जिस पर हाउस चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने कड़ी आपत्ति जताई। टेनेटी ने कहा कि क्या कहा अभी आपने क्या यह यार है यह संसद है लोकसभा है चेयर को यार नहीं कहा जा सकता। उन्होंने विपक्षी दलों के सांसदों को फटकार लगाई और कहा कि सदन में प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए। (इनसेट: कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने 'यार' शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि चेयर को यार नहीं कहा जा सकता।) हंगामा राहुल गांधी के भाषण के दौरान बढ़ा जहां वे पूर्व सेना प्रमुख की किताब का जिक्र कर रहे थे लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। विपक्ष ने विरोध में हंगामा किया और सदन में कागज फेंके गए। टेनेटी ने सदन को संभालने की कोशिश की लेकिन अराजकता जारी रही। 'यार' शब्द का प्रयोग चेयर को संबोधित करने के लिए किया गया जिसे अपमानजनक माना गया। (इनसेट: विपक्षी सदस्य ने चेयर को 'यार' कहकर संबोधित किया जिस पर टेनेटी ने फटकार लगाई।) घटना के दौरान सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई जहां राहुल गांधी को बोलने से रोका गया। टेनेटी ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए विपक्ष को चेतावनी दी।
- कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने 'यार' शब्द पर सफाई दी कोई गाली नहीं दी
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने 'यार' शब्द के प्रयोग पर सफाई दी और कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यार शब्द से क्या होगा उन्हें कोई गाली थोड़ी दे दी हमने। वडिंग ने कहा कि एक प्रोटोकॉल है हम रोज प्रोटोकॉल का पालन करते हैं लेकिन राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कागज फेंकने और चेयर की तरफ आगे बढ़ने की बात पर कहा कि मर्डर क्यों होता है यदि कोई मारता है या कुछ कहता है उन्होंने हमें उकसाया। (इनसेट: अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि 'यार' कोई गाली नहीं थी।) वडिंग ने कहा कि अभी तो हमारे नेता ने बोलना शुरू ही किया था कि उन्हें बोलने से रोक दिया गया। उन्होंने सफाई में कहा कि हम प्रोटोकॉल फॉलो करते हैं लेकिन सदन में राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया। यह सफाई हंगामा और 'यार' शब्द की आपत्ति के बाद आई जहां कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा। वडिंग ने कहा कि उकसावे के कारण ऐसा हुआ। (इनसेट: वडिंग ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया इसलिए हंगामा हुआ।) कांग्रेस की तरफ से यह सफाई आई कि 'यार' शब्द सामान्य संबोधन था और कोई अपमान नहीं था। वडिंग ने प्रोटोकॉल का जिक्र करते हुए कहा कि हम रोज ऐसा करते हैं लेकिन इस बार राहुल गांधी को रोका गया।
- राहुल गांधी के भाषण रोकने से सदन में अराजकता आठ सांसदों को सस्पेंड किया गया
राहुल गांधी के भाषण पर रोक लगने से सदन में हंगामा बढ़ा जहां विपक्ष ने विरोध जताया और कागज फेंके गए। कृष्ण प्रसाद टेनेटी चेयर पर थे और उन्होंने सदन को संभालने की कोशिश की लेकिन अराजकता जारी रही। 'यार' शब्द के अलावा कागज फेंकने पर भी आपत्ति हुई। सदन में राहुल गांधी द्वारा गलवान मुद्दे पर बोलने की कोशिश के दौरान विवाद हुआ। (इनसेट: राहुल गांधी को बोलने से रोकने पर सदन में हंगामा हुआ।) हंगामा बढ़ने पर आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड किया गया जिसमें कांग्रेस के सात और एक अन्य दल के सांसद शामिल थे। सस्पेंड सांसदों में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी थे। यह कार्रवाई कागज फेंकने और अराजक व्यवहार के लिए की गई। सदन को स्थगित करना पड़ा। (इनसेट: आठ सांसदों को सस्पेंड किया गया जिसमें कांग्रेस के सदस्य प्रमुख थे।) घटना के बाद राहुल गांधी ने स्पीकर को पत्र लिखा और लोकतंत्र पर दाग बताया। हंगामा राहुल गांधी के भाषण रोकने से शुरू हुआ जहां पूर्व सेना प्रमुख की किताब का जिक्र था।
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