उत्तर प्रदेश में चौंकाने वाली घटना: जौनपुर के युवक ने MBBS सीट के लिए खुद अपना पैर काटा, दिव्यांग कोटा हासिल करने की कोशिश नाकाम।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक 24 वर्षीय युवक ने MBBS में प्रवेश पाने के लिए दिव्यांग कोटा हासिल करने की कोशिश में खुद अपना पैर काट
- जौनपुर NEET अभ्यर्थी का खौफनाक कदम: डॉक्टर बनने की चाह में पैर काटकर दिव्यांग प्रमाणपत्र लेने की साजिश, पुलिस जांच में खुलासा
- यूपी जौनपुर में MBBS प्रवेश के लिए आत्म-घातक प्रयास: NEET में दो बार फेल युवक ने खुद का पैर काटा, योजना विफल होने पर पुलिस केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक 24 वर्षीय युवक ने MBBS में प्रवेश पाने के लिए दिव्यांग कोटा हासिल करने की कोशिश में खुद अपना पैर काट लिया। युवक का नाम सूरज भास्कर है जो खलीलपुर गांव का निवासी है और लाइन बाजार थाना क्षेत्र में रहता है। वह फार्मेसी में डिप्लोमा धारक है और NEET परीक्षा में दो बार असफल रह चुका है। उसने दिव्यांग प्रमाणपत्र प्राप्त कर NEET में कम कटऑफ के साथ MBBS सीट हासिल करने की योजना बनाई। युवक ने खुद अपना बायां पैर का हिस्सा ग्राइंडर मशीन से काटा और पहले इंजेक्शन लगाकर क्षेत्र को सुन्न किया। घटना के बाद उसने परिवार और पुलिस को बताया कि उस पर हमला हुआ है और अज्ञात लोगों ने उसके पैर पर हमला किया। पुलिस ने शुरू में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ और युवक के कमरे से ग्राइंडर मशीन, खून के धब्बे और अन्य सबूत मिले। युवक की डायरी और डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि उसने खुद यह कदम उठाया। पुलिस ने युवक की प्रेमिका से पूछताछ की जिसने साजिश का खुलासा किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज भास्कर ने 2026 में MBBS में प्रवेश पाने के लिए यह कदम उठाया। उसने दिव्यांग प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पैर का हिस्सा काटा ताकि PwD कोटा के तहत NEET में कम अंकों से प्रवेश मिल सके। युवक ने पहले हमले की कहानी बनाई लेकिन जांच में पुलिस को ग्राइंडर और अन्य उपकरण मिले जो स्व-चोट के प्रमाण थे। डायरी में लिखी गई एंट्री और डिजिटल प्रमाणों से योजना का खुलासा हुआ। पुलिस ने युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। युवक फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है जहां उसका पैर का हिस्सा काटा गया था।
जौनपुर की इस घटना में युवक ने NEET में दो बार फेल होने के बाद दिव्यांग कोटा का सहारा लेने की कोशिश की। वह MBBS डॉक्टर बनना चाहता था और इसके लिए उसने खुद को चोट पहुंचाई। पुलिस जांच में पता चला कि उसने पैर को ग्राइंडर से काटा और पहले सुन्न करने के लिए इंजेक्शन लगाया। शुरू में हमले का दावा किया गया लेकिन सबूतों से स्व-कार्य सिद्ध हुआ। प्रेमिका ने पुलिस को बताया कि युवक ने यह योजना बनाई थी। पुलिस ने डायरी और मोबाइल से प्रमाण जुटाए। युवक के खिलाफ फर्जी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की कोशिश और अन्य आरोप लगे हैं। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
सूरज भास्कर ने NEET की तैयारी करते हुए यह कदम उठाया। वह 2026 में MBBS में एडमिशन चाहता था। दिव्यांग कोटा के लिए PwD सर्टिफिकेट की आवश्यकता थी जिसके लिए उसने पैर का हिस्सा काटा। पुलिस को युवक के कमरे से उपकरण मिले जो घटना के प्रमाण थे। जांच में डायरी में लिखी बातें और डिजिटल रिकॉर्ड से साजिश सामने आई। प्रेमिका की गवाही से योजना का खुलासा हुआ। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू की। मामला जांच के अधीन है और विधिक प्रक्रिया जारी है।
जौनपुर में NEET अभ्यर्थी ने डॉक्टर बनने की इच्छा में खुद को चोट पहुंचाई। उसने पैर काटकर दिव्यांग प्रमाणपत्र लेने की कोशिश की लेकिन योजना नाकाम रही। पुलिस ने शुरू में हमले का केस दर्ज किया लेकिन जांच में स्व-कार्य पाया गया। ग्राइंडर मशीन और अन्य सामग्री से प्रमाण मिले। डायरी और डिजिटल साक्ष्यों से युवक की मंशा सिद्ध हुई। प्रेमिका ने पुलिस को जानकारी दी। युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस जौनपुर में इस मामले की जांच कर रही है। युवक ने NEET में फेल होने के बाद दिव्यांग कोटा का फायदा उठाने के लिए पैर काटा। पुलिस को सबूत मिले कि यह स्व-घटित था। डायरी में लिखी गई बातों से योजना का पता चला। प्रेमिका की गवाही महत्वपूर्ण रही। युवक अस्पताल में है और पुलिस कार्रवाई कर रही है। आगे केस कोर्ट में जाएगा। जौनपुर की घटना में MBBS प्रवेश के लिए युवक ने खुद का पैर काटा। NEET दो बार फेल होने के बाद दिव्यांग कोटा की कोशिश की। पुलिस जांच में साजिश उजागर हुई। सबूतों से स्व-चोट सिद्ध हुआ। युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। मामला पुलिस के पास है और जांच जारी है।
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