तमिलनाडु सीएम स्टालिन पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का हमला, कहा- तमिल से बड़ा सनातनी नहीं और स्टालिन का नाम भारतीय नहीं लगता
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्टालिन पर कहा कि तमिल से बड़ा सनातनी कोई नहीं है। उन्होंने तमिल को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उदाहरण बताया। आचार्य ने स्टालिन
- कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्टालिन को दिया जवाब, तमिल को सबसे बड़ा सनातनी बताया और धर्म परिवर्तन सुधारने की गुजारिश की
- स्टालिन के पुरखे हिंदू थे, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा धर्म परिवर्तन की गलती सुधारें और सनातन पथ पर लौटें
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिल से बड़ा सनातनी कोई नहीं है और भारतीय संस्कृति-सभ्यता का जीता-जागता उदाहरण तमिल में ही दिखता है, लेकिन स्टालिन का नाम भारतीय नहीं लगता और उनका धर्म परिवर्तन एक गलती है जिसे सुधारना चाहिए। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के हिंदी विरोध और सनातन धर्म से जुड़े बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तमिल से बड़ा सनातनी कोई नहीं है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन का कहीं जीता-जागता उदाहरण दिखता है तो वह तमिल में ही दिखता है। उन्होंने स्टालिन के नाम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि स्टालिन का नाम भारतीय नहीं लगता है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा कि यह भारत के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है कि स्टालिन जैसे लोग राजनीति में हैं। उन्होंने स्टालिन से गुजारिश की कि वे अपने पूर्वजों के पथ पर चलें। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि स्टालिन के पुरखे भी हिंदू थे। उन्होंने स्टालिन से धर्म परिवर्तन की गलती सुधारने की अपील की। यह बयान तमिलनाडु में हिंदी और सनातन धर्म से जुड़े विवाद के बीच आया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तमिल भाषा और संस्कृति की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि तमिल सनातन का जीवंत उदाहरण है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एमके स्टालिन के बयानों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तमिल से बड़ा सनातनी कोई नहीं है। आचार्य ने तमिल को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने स्टालिन के नाम को भारतीय नहीं बताया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि स्टालिन जैसे लोगों का राजनीति में होना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य है। उन्होंने स्टालिन से अपने पूर्वजों के पथ पर चलने की गुजारिश की। आचार्य ने कहा कि स्टालिन के पुरखे हिंदू थे। उन्होंने धर्म परिवर्तन को गलती बताया और इसे सुधारने की अपील की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तमिल भाषा की सनातन परंपरा से जुड़ाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तमिल में सनातन का पूरा प्रमाण मिलता है। यह बयान राजनीतिक और धार्मिक बहस के बीच आया। आचार्य ने स्टालिन को सनातन पथ पर लौटने का आह्वान किया।
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एमके स्टालिन पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने तमिल को सबसे बड़ा सनातनी बताया। आचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उदाहरण तमिल में दिखता है। उन्होंने स्टालिन का नाम भारतीय नहीं लगने की बात कही। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भारत के लोकतंत्र को दुर्भाग्यपूर्ण बताया जहां स्टालिन जैसे लोग राजनीति में हैं। उन्होंने स्टालिन से पूर्वजों के पथ पर चलने की गुजारिश की। आचार्य ने कहा कि स्टालिन के पुरखे हिंदू थे। उन्होंने धर्म परिवर्तन की गलती सुधारने की अपील की। आचार्य ने तमिल भाषा को सनातन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि तमिल में सनातन का जीवंत प्रमाण है। यह बयान तमिलनाडु के राजनीतिक माहौल में आया। आचार्य ने सनातन की रक्षा पर जोर दिया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्टालिन के हिंदी विरोध और सनातन से जुड़े बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तमिल से बड़ा सनातनी कोई नहीं है। आचार्य ने तमिल को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उदाहरण बताया। उन्होंने स्टालिन के नाम पर कहा कि यह भारतीय नहीं लगता। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लोकतंत्र का दुर्भाग्य बताया कि स्टालिन जैसे लोग राजनीति में हैं। उन्होंने स्टालिन से पूर्वजों के पथ पर चलने की अपील की। आचार्य ने कहा कि स्टालिन के पुरखे हिंदू थे। उन्होंने धर्म परिवर्तन को गलती बताया और सुधारने की गुजारिश की। आचार्य ने तमिल भाषा की सनातन परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तमिल में सनातन का पूरा प्रमाण मिलता है। यह बयान विवादास्पद रहा।
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एमके स्टालिन पर निशाना साधा। उन्होंने तमिल को सबसे बड़ा सनातनी बताया। आचार्य ने कहा कि तमिल में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उदाहरण दिखता है। उन्होंने स्टालिन का नाम भारतीय नहीं लगने की बात कही। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि स्टालिन जैसे लोगों का राजनीति में होना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य है। उन्होंने स्टालिन से अपने पूर्वजों के पथ पर चलने की गुजारिश की। आचार्य ने कहा कि स्टालिन के पुरखे हिंदू थे। उन्होंने धर्म परिवर्तन की गलती सुधारने की अपील की। आचार्य ने तमिल को सनातन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि तमिल सनातन का जीवंत प्रमाण है। यह बयान राजनीतिक बहस का हिस्सा बना।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्टालिन पर कहा कि तमिल से बड़ा सनातनी कोई नहीं है। उन्होंने तमिल को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उदाहरण बताया। आचार्य ने स्टालिन के नाम को भारतीय नहीं बताया। उन्होंने लोकतंत्र का दुर्भाग्य कहा कि स्टालिन जैसे लोग राजनीति में हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्टालिन से पूर्वजों के पथ पर चलने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि स्टालिन के पुरखे हिंदू थे। आचार्य ने धर्म परिवर्तन को गलती बताया और सुधारने की अपील की। आचार्य ने तमिल भाषा की सनातन परंपरा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तमिल में सनातन का पूरा प्रमाण मिलता है। यह बयान तमिलनाडु के संदर्भ में आया।
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एमके स्टालिन पर टिप्पणी की। उन्होंने तमिल को सबसे बड़ा सनातनी बताया। आचार्य ने कहा कि तमिल में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उदाहरण दिखता है। उन्होंने स्टालिन का नाम भारतीय नहीं लगने की बात कही। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि स्टालिन जैसे लोगों का राजनीति में होना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य है। उन्होंने स्टालिन से अपने पूर्वजों के पथ पर चलने की अपील की। आचार्य ने कहा कि स्टालिन के पुरखे हिंदू थे। उन्होंने धर्म परिवर्तन की गलती सुधारने की गुजारिश की। आचार्य ने तमिल को सनातन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि तमिल सनातन का जीवंत प्रमाण है।
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