Hapur: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर खुली लूट: पिलखुवा में 60 लाख रुपये छीनकर फरार बदमाश, व्यापारियों में दहशत।
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक बार फिर हथियारबंद बदमाशों ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए करीब 60 लाख रुपये की बड़ी लूट की
हापुड़: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक बार फिर हथियारबंद बदमाशों ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए करीब 60 लाख रुपये की बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज घटना से व्यापारियों में दहशत का माहौल है, जबकि स्थानीय पुलिस पर लूट की घटना को दबाने और छुपाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, चावल व्यापारी का मुनीम नकदी लेकर जा रहा था, तभी दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पहले से घात लगाए हथियारबंद बदमाशों ने उसे निशाना बना लिया। बदमाशों ने तमंचों के बल पर मुनीम से करीब 60 लाख रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही लुटेरे गायब हो चुके थे।
घटना के बाद पीड़ित मुनीम ने पिलखुवा कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस बड़ी लूट की घटना को सार्वजनिक होने से रोकने में जुट गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि पुलिस पीड़ित मुनीम को साथ लेकर इधर-उधर रवाना होती रही, लेकिन घटना को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब दो महीने पहले भी इसी क्षेत्र में 85 लाख रुपये की बड़ी लूट की वारदात हो चुकी है, लगातार हो रही लूट की घटनाओं ने पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि पिलखुवा कोतवाली प्रभारी श्योपाल सिंह क्षेत्र की कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल की। हालांकि, अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद अब तक बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। व्यापारियों में रोष व्याप्त है और वे हाईवे पर बढ़ती लूट की घटनाओं को लेकर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।सवाल यह है कि आखिर कब तक दिल्ली-लखनऊ हाईवे लुटेरों के हवाले रहेगा? और क्या पिलखुवा पुलिस इन बेखौफ बदमाशों पर लगाम लगा पाएगी, या फिर अगली लूट किसी और व्यापारी की बारी होगी?
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