Lucknow : खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के ठोस प्रयास
बैठक में 19 नवीन प्रस्तावों को अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अप्रैजल समिति द्वारा जनपद वाराणसी से 01, मेरठ से 02, कानपुर नगर से 04, कानपुर देहात से 01, लखनऊ
- उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 से उद्यमियों को मिलेगा नया आयाम
- खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे रोजगार की अपार सम्भावनायें
- अप्रेजल समिति द्वारा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयो के 14 प्रस्तावो का किया गया अनुमोदन
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे किसानो व उद्यमियो की आमदनी बढ़ाने तथा युवाओं के लिए रोजगार की अपार सम्भावनायें है।उन्होने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये हैं कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत दी जा रही सुविधाओं तथा प्रदत्त व प्राविधानित अनुदान आदि के बारे मे लोगो को जागरूक व प्रेरित किया जाय, ताकि अधिक से अधिक उद्यम स्थापित हो सकें। इस दिशा मे खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा बहुत तेजी से कार्य किया जा रहा है।उन्होंने निर्देश दिये हैं कि खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानो के उत्पादो का अधिक से अधिक दाम दिलायें।विकसित भारत के निर्माण मे खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। उप मुख्यमंत्री के निर्देशो के क्रम मे विभाग द्वारा बहुत ही प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं।
इसी कड़ी मे उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण हेतु अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन बी एल मीणा की अध्यक्षता में गुरूवार को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय लखनऊ मे अप्रेजल समिति की बैठक सम्पन्न हुयी।
बैठक में 19 नवीन प्रस्तावों को अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अप्रैजल समिति द्वारा जनपद वाराणसी से 01, मेरठ से 02, कानपुर नगर से 04, कानपुर देहात से 01, लखनऊ से 01, लखीमपुर खीरी से 01, बरेली 01, काशाम्बी से 01, अयोध्या से 01, रामपुर से 01,कुल 14 प्रस्ताव को एस०एल०ई०सी० के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति की गयी। इन 14 प्रस्तावों में नमकीन एवं स्वीट्स इकाई, फोजन, सब्जी प्रसंस्करण एवं कलीनरी हर्ब्स, सोलर पावर प्लाण्ट की स्थापना, मिल्क पावडर, देशी घी, पनीर एवं वेव पावडर, मसाला प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, रेडी टू कूक (प्री-मिक्स दलिया, खिचड़ी) एवं पोल्ट्री फीड इकाई की स्थापना के लगभग रू0 200 करोड़ के प्रस्तावों पर समिति द्वारा विचार विमर्श करते हुये अप्रेजल समिति द्वारा अनुमोदित किया गया। समिति द्वारा बैठक के मध्य इन प्रसंस्करण इकाईयों को रा-मटैरियल की आपूर्ति स्थानीय कृषकों / पशुपालकों से किए जाने पर सहमति हुई एवं संबन्धित शर्त यथा निवेशक द्वारा रॉ मैटेरियल क्रय करने हेतु रू. 10 के स्टॉम्प पर 100 कृषकों / दुग्ध उत्पादकों की सूची उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अतिरिक्त इस बात पर भी सहमति हुई कि निवेशक गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ का उत्पादन करेगें और इससे संबन्धित प्रमाण-पत्र निदेशालय को उपलब्ध कराया जायेगा।
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