Agra: ताज ट्रिपेजियम जोन में SPM का सबसे बड़ा शिकार बना फतेहपुर सीकरी, जनस्वास्थ्य पर गहरा खतरा।  

ताज ट्रिपेजियम जोन के एस पी एम [suspended particulate matter -SPM] प्रकोप से सबसे अधिक प्रभावित फतेहपुर सीकरी नगर पालिका

Feb 4, 2026 - 14:54
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Agra: ताज ट्रिपेजियम जोन में SPM का सबसे बड़ा शिकार बना फतेहपुर सीकरी, जनस्वास्थ्य पर गहरा खतरा।  
ताज ट्रिपेजियम जोन में SPM का सबसे बड़ा शिकार बना फतेहपुर सीकरी, जनस्वास्थ्य पर गहरा खतरा।  

Agra: ताज ट्रिपेजियम जोन के एस पी एम [suspended particulate matter -SPM] प्रकोप से सबसे अधिक प्रभावित फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद है,जो न कि प्रदूषणकारी है अपितु जनस्वास्थ्य घातक भी।यह कहना है परिषद की अध्यक्ष शबनम मा.इस्लाम का। उन्होंने कहा है कि हालांकि संपूर्ण ताज ट्रिपेजियम जोन में वायु प्रदूषण से खतरा है  लेकिन फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद क्षेत्र और उसकी सीमा से लगे ग्रामीण पर राजस्थान की ओर आने वाली धूल भरी हवाओं सबसे अधिक प्रत्यक्ष प्रकोप होता है।एक जानकारी में उन्होंने कहा है कि वायु प्रदूषण में सबसे अधिक योगदान  2.5 माईकोन (2.5µm) या उससे छोटे पार्टिकुलेट मैटर का होता है,जो कि प्रचलित मान्यता के अनुसार श्वांस के साथ मानव शरीर में पहुंच कर फेफड़ों से संबंधित बीमारियों सहित अन्य मानव स्वास्थ्य प्रतिकूल स्थितियां उत्पन्न करते हैं। 

  • भूजल स्तर में सुधार 

शबनम मा.इस्लाम ने ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के चेयरमैन(मंडलायुक्त आगरा) को पत्र लिख कर उन्होंने अनुरोध किया है कि हरित क्षेत्र की सघनता और विस्तार से स्थितियां बेहतर हो सकती हैं किंतु इसके लिये फतेहपुर सीकरी  के भूजल स्तर की स्थिति में सुधार के लिये प्रभावी कदम उठाये जाना जरूरी है।भूजल विभाग से इसके लिये कार्यनीति बनवायी जाये।

  • तेरहमारी बांध फंक्शनल हो

ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी का ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने कहा है कि फतेहपुर सीकरी के तेरहमोरी बांध की क्षेत्र में जलस्तर गिरावट थामने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है,जब से बांध के गेट छतिग्रस्त और असंचालित स्थिति में लाकर उपेक्षित कर दोडे हुए हैं,हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।पूरी क्षेत्र हैंडपंप शून्य हो चुका है।उन्होंने कहा कि तेरह मोरी बांध उ प्र सिंचाई विभाग के तृतीय मण्डल, सिंचाई कार्य (IIIrd Circle Irrigation Works, Agra)के तहत लोअर खंड के  अधिशासी अभियंता के प्रबंधन में है,उनसे अपेक्षा है कि क्षतिग्रस्त गेटों की मरम्मत के लिये एस्टीमेट बनवायें,जिससे शासन के समक्ष धन उपलब्धता के लिये प्रयास किया जा सके। 


शबनम मा.इस्लाम ने कहा कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में गर्म हवायें तो हमेशा चलती रही हैं, किंतु तेरह मोरी बांध में मानसून काल में होते रहे जलभराव और ठहराव के बंद हो जाने के बाद से स्थिति अत्यंत खराब हो गयी।आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर भले ही कुछ भी कहना और स्वीकारना सुविधाजनक होता है किंतु जब आंकड़े ही नहीं हों तो अनुभव और बनी हुई स्थितियों के आधार पर ही कार्यनीति निर्धारित करना विवशता होती है।वह बताती है कि नागरिकों का अनुभव है कि जब तक तेरहमोरी बांध में पानी रहा तब तक भूजल की स्थिति बहुत ही सुधरी हुई थी,पहाडी ऊंचे क्षेत्रों की बसावटों के अपवाद के अलावा अधिकांश नगरीय क्षेत्र में हैंडपंप काम करते थे।लगाये गए पेड़ों में अधिकांश पनपते थे।जबकि अब हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो चले हैं।

  • पानी का ठहराव होने मात्र से हरियाली की भरपूरिता

नगर पालिका परिषद अध्यक्ष ने कहा है कि वह चाहेंगी कि तेरह मोरी बांध में जलभराव और रबी की बुवाई तक उसका ठहराव सुनिश्चित किया जाये।जिससे भूजल की स्थिति में सुधार हो सके।परिषद अध्यक्ष ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो वह जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से भी पत्राचार करेंगी।उन्हों ने कहा कि वैसे भी तेरहमोरी विश्वदाय संपदा फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह के बांध  ( Viaduct across the road leading to Bharatpur, District Agra)के रूप में पुरातत्व सर्वेक्षण के आगरा सर्किल की सूची में दर्ज है।

  • प्रबुद्धजन बांध की मरम्मत के पक्षधर

सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने कहा है कि सोसायटी फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद अध्यक्ष शबनम मा.इस्लाम के द्वारा व्यक्त किये गये विचारों से सहमत है और उनके द्वारा ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण के चेयरमैन के संज्ञान में समस्या लाया जाना सामायिक आवश्यकता मानती है।एक जानकारी में श्री शर्मा ने बताया कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की बौद्धिक पहचान पाराशर(अकबर के हिन्दू पुरोहित),फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष इस्लाम, पत्रकार राजेन्द्र शुक्ला , डाबर गांव के पूर्व प्रधान धर्म सिंह महोरा,असलम सलीमी आदि के साथ भी संवाद किया ,जिसमें सभी का मानना था कि तेरहमोरी बांध में भरतपुर (राजस्थान ) के अजान बांध के डाउन के कैचमेंट एरिया का भरपूर पानी उपलब्ध होता है,साथ ही फतेहपुर सीकरी रिज एरिया की भरपूर जलराशि तेरह मोरी बांध पहुंचती है किंतु बांध के गेट और स्ट्रेक्चर की मरम्मत न होने से जो भी जलराशि पहुंचती है ,बहजााती है।फलस्वप मानसून खत्म होते ही क्षेत्र सूखाग्रस्त समतुल्य हो जाता है।

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