Lucknow : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नाबार्ड के आरआईडीएफ से वित्त पोषित परियोजनाओं से संबंधित वित्तीय वर्ष 2025-26 की हाई पावर कमेटी की पंचम समीक्षा बैठक सम्पन्न
इससे पहले मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज कुमार ने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में आरआईडीएफ-XXXI के अंतर्गत अबतक विभिन्न विभागो की कुल रुपये 2419 करोड़ की नयी परियोज
लखनऊ : मुख्य सचिव की एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से वित्त पोषित परियोजनाओं से संबंधित वित्तीय वर्ष 2025-26 की हाई पावर कमेटी की पंचम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने चतुर्थ समीक्षा बैठक के बाद हुई प्रगति को संतोषजनक बताते हुये कहा कि आवश्यकता होने पर वर्तमान वित्तीय वर्ष की Borrowing Power बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने नाबार्ड और कार्यदायी विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर बल देते हुए निर्देश दिया कि परियोजना स्वीकृति, प्रतिपूर्ति दावे तथा परियोजना पूर्णता प्रमाणपत्र (PCR) समयबद्ध तरीके से नाबार्ड को भेजे जाएं।
बैठक में मुख्य सचिव ने पशुपालन विभाग द्वारा आरआईडीएफ के अंतर्गत स्वीकृति हेतु प्रस्तावित पशु चिकित्सालय परियोजना के मॉडल प्रस्ताव की समीक्षा की तथा निर्देश दिया कि प्रस्ताव शीघ्र नाबार्ड को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाए।
इसके अतिरिक्त, Project Yet to be Grounded (PYG) एवं Slow Moving Projects (SMP) की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कार्यदायी विभागों को उनका विस्तृत विवरण नाबार्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अंत में, उन्होंने सभी विभागों एवं नाबार्ड को आपसी समन्वय बढ़ाकर विभिन्न कार्यबिंदुओं पर संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
इससे पहले मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज कुमार ने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में आरआईडीएफ-XXXI के अंतर्गत अबतक विभिन्न विभागो की कुल रुपये 2419 करोड़ की नयी परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी है, तथा रुपये 2700 करोड़ के संवितरण लक्ष के सापेक्ष विभिन्न कार्यदायी विभागो को अब तक 2713 करोड़ रुपये संवितरित किए जा चुके है। उन्होंने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए रुपये 3100 करोड़ तक की धनराशि 31 मार्च 2026 तक संवितरित करने के प्रयास कार्यदायी विभागों के साथ मिलकर किए जा रहे है, जिसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु किया जाएगा, जिससे की राज्य में कृषि, पशुपालन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग, प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान, सचिव वित्त जय शंकर दुबे सहित विभिन्न कार्यदायी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नाबार्ड, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय की और से मुख्य महाप्रबंधक के साथ अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
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