Agra: स्कूल प्रकरण पर जिलाधिकारी नाराज़, शिक्षा निदेशक लखनऊ को किया पत्र प्रेषित, जांच समिति ने स्कूल को भेजा नोटिस।

शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक गंभीर प्रकरण को लेकर आगरा में लगातार चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से

Jan 29, 2026 - 21:21
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Agra: स्कूल प्रकरण पर जिलाधिकारी नाराज़, शिक्षा निदेशक लखनऊ को किया पत्र प्रेषित, जांच समिति ने स्कूल को भेजा नोटिस।
स्कूल प्रकरण पर जिलाधिकारी नाराज़, शिक्षा निदेशक लखनऊ को किया पत्र प्रेषित, जांच समिति ने स्कूल को भेजा नोटिस।

आगरा। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक गंभीर प्रकरण को लेकर आगरा में लगातार चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। दिनांक 27 जनवरी 2026 से प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पैरेंट अवेयरनेस (PAPA) द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय परिसर में धरना दिया जा रहा था। दो दिवस व दो रात्रि बीत जाने के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी के धरना स्थल पर न पहुंचने से आक्रोशित संस्था ने कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देने की घोषणा की।

इसी क्रम में पापा संस्था के अध्यक्ष दीपक सिंह सरीन ने जिलाधिकारी महोदय से विस्तृत मुलाकात कर पूरे प्रकरण से संबंधित दस्तावेज़ एवं तथ्य प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी महोदय ने प्रकरण को गंभीरता से सुना, उपलब्ध तथ्यों का अवलोकन किया तथा प्रथम दृष्टया नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि मामले को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जाएगा और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी महोदय ने यह भी अवगत कराया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पत्र लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशक को मार्क कर दिया गया है, जिससे शासन स्तर पर भी इस विषय का संज्ञान लिया जा सके और उच्च स्तर से जवाबदेही सुनिश्चित हो।

उधर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आगरा द्वारा भी एक संयुक्त जांच समिति का गठन कर दिया गया है तथा संबंधित विद्यालय को आवश्यक अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु औपचारिक नोटिस जारी किया गया है।

पापा संस्था के अध्यक्ष दीपक सिंह सरीन ने कहा कि इस प्रकरण में लिखित रूप से ठोस जांच प्रक्रिया अब जाकर प्रारंभ हुई है। प्रशासन द्वारा दिखाए गए सकारात्मक रुख, जिलाधिकारी के आश्वासन एवं संयुक्त जांच समिति के गठन को ध्यान में रखते हुए जनहित में यह निर्णय लिया गया है कि धरने को फिलहाल कुछ समय के लिए स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थगन संघर्ष की समाप्ति नहीं है, बल्कि प्रशासन को निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई का अवसर देने का निर्णय है। यदि जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया अथवा तय समय सीमा में ठोस परिणाम सामने नहीं आए, तो आगे की रणनीति पुनः लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से तय की जाएगी। धरने में प्रमुख रूप से पंकज टंडन, सोनू कुमार, अजय वर्मा, सोनिया सिंह, राजेंद्र खन्ना, सुमित सक्सेना, भोज कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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