Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप
- योगी सरकार की समावेशी नीति से 550 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों को मिला मंच
- दिव्यांग सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता संपन्न
- दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा प्रतिभाओं को निखारने का प्रयास
- खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दे रही योगी सरकार
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप के निर्देशों के क्रम में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा 29–30 जनवरी 2026 को लखनऊ जनपद में दो दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।
इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 550 से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रमुख सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण सुभाष चंद्र शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने प्रतिभागी दिव्यांग खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल आत्मविश्वास, अनुशासन, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का सशक्त माध्यम है। दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा खेल मैदान में प्रदर्शित जिजीविषा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों को और अधिक व्यापक, समावेशी एवं सुविधासंपन्न बनाया जाए।
योगी सरकार की समावेशी एवं संवेदनशील नीतियों के अनुरूप आयोजित इस प्रतियोगिता में श्रवण बाधित, दृष्टिबाधित एवं अन्य श्रेणियों के प्रतिभागियों के लिए एथलेटिक्स (100 एवं 200 मीटर दौड़), लॉन्ग जंप, शॉटपुट, कबड्डी, खो-खो, टग ऑफ वॉर, शतरंज सहित विभिन्न खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। सभी स्पर्धाएँ निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पारदर्शी एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराई गईं।
प्रतियोगिता स्थल विशेष राजकीय विद्यालय एवं शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहन रोड, लखनऊ में खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई। आयोजन के दौरान खेल समन्वयकों, तकनीकी अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों द्वारा प्रतिभागियों को निरंतर सहयोग प्रदान किया गया, जिससे प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संचालित हो सकी।
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