Sambhal : आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सम्भल में जोरदार धरना, सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग तेज, 8 मार्च को लखनऊ कूच का ऐलान
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनीता शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पिछले दस वर्षों से बेहद कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छह
Report : उवैस दानिश, सम्भल
आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले गुरुवार को सम्भल में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने समेत दस सूत्री मांगों को उठाया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनीता शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पिछले दस वर्षों से बेहद कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छह हजार रुपए के मानदेय में आज के दौर में कोई परिवार कैसे चलाया जा सकता है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकत्रियों की हालत बंधुआ मजदूरों जैसी हो गई है न काम का कोई तय समय है और न ही सुविधाएं। विनीता शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा लागू किए गए ‘पोषण ट्रैकर’ पर 100 प्रतिशत काम का दबाव है, लेकिन मोबाइल रिचार्ज का खर्च कार्यकत्रियों को खुद उठाना पड़ रहा है। दिए गए फोन भी 2G हैं, जबकि काम आधुनिक तकनीक का है।
समय पर काम पूरा न होने पर सेवा समाप्ति की धमकी दी जाती है, जो बेहद अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग रखी कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी हो, सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाई जाए और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वर्तमान में 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के बाद कार्यकत्रियों को खाली हाथ घर बैठना पड़ता है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि यह धरना एकदिवसीय है और संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ आंदोलन किया जा रहा है। यदि आज मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 8 मार्च को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लखनऊ कूच कर बड़ा आंदोलन है।
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