Sambhal : शाही जामा मस्जिद के नाम पर फर्ज़ी ट्रस्ट का आरोप, कमेटी ने झाड़ा पल्ला

जफर अली का कहना है कि मस्जिद से जुड़े मामलों की पैरोकारी के लिए भरोसे के आधार पर मोहम्मद काशिफ को जरूरी दस्तावेज़, आईडी और हस्ताक्षर सौंपे गए थे, जिनका उन्होंने ज़ब

Feb 9, 2026 - 20:58
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Sambhal : शाही जामा मस्जिद के नाम पर फर्ज़ी ट्रस्ट का आरोप, कमेटी ने झाड़ा पल्ला
Sambhal : शाही जामा मस्जिद के नाम पर फर्ज़ी ट्रस्ट का आरोप, कमेटी ने झाड़ा पल्ला

Report : उवैस दानिश, सम्भल 

शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवाद में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। मस्जिद की इंतज़ामिया कमेटी के सदर जफर अली ने मोहम्मद काशिफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि काशिफ कभी भी शाही जामा मस्जिद इंतज़ामिया कमेटी के सदस्य नहीं रहे और न ही उन्हें आवाम ने कोई पद सौंपा है।

जफर अली का कहना है कि मस्जिद से जुड़े मामलों की पैरोकारी के लिए भरोसे के आधार पर मोहम्मद काशिफ को जरूरी दस्तावेज़, आईडी और हस्ताक्षर सौंपे गए थे, जिनका उन्होंने ज़बरदस्त मिसयूज किया। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेज़ों के सहारे काशिफ ने 30 मार्च 2024 को जामा मस्जिद के नाम से एक ट्रस्ट बना दिया, जिसकी जानकारी कमेटी को ट्रस्ट बनने के बाद हुई। सदर जफर अली ने स्पष्ट किया कि इंतज़ामिया कमेटी और ट्रस्ट दो अलग-अलग संस्थाएं हैं, और ट्रस्ट से कमेटी का कोई लेना-देना नहीं है।

ट्रस्ट में अगर किसी तरह का लेन-देन या फंडिंग हुई है, तो उसकी पूरी ज़िम्मेदारी मोहम्मद काशिफ की है, कमेटी की नहीं। उन्होंने बताया कि काशिफ के सगे चाचा स्वर्गीय हाजी लड्डन, जो पहले इंतज़ामिया कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट थे, उनके सामने भी काशिफ ने यह स्वीकार किया था कि ट्रस्ट उन्होंने अपने स्तर पर बनाया है और उसे बंद कर देंगे। इंतज़ामिया कमेटी को अवैध बताए जाने के आरोपों पर जफर अली ने कहा कि कमेटी का गठन सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार होता है, जिसमें नमाज़ी और मुस्लिम आवाम सदर और सदस्यों का चयन करते हैं, न कि किसी अदालत या कानून के ज़रिए।

जफर अली ने यह भी आरोप लगाया कि मोहम्मद काशिफ मस्जिद में अवैध तरीके से प्रवेश कर चंदा वसूलने की नीयत से ऐसे आरोप लगा रहे हैं। वहीं, कानूनी कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद से जुड़े सभी मामलों में इंतज़ामिया कमेटी पहले से ही हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और चंदौसी कोर्ट में पक्षकार है, और फिलहाल काशिफ के खिलाफ अलग से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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