Hardoi : आगामी 22 फरवरी को मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर की तैयारी, बैठक में सभी ने लिया संकल्प

उन्होंने बताया कि चिन्हित और पंजीकृत सभी लाभार्थियों को 22 फरवरी को होने वाले मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर में उनके अधिकारों से जुड़े लाभ दिए जाएंगे। शिविर में एक ही जगह पर नि

Feb 9, 2026 - 21:15
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Hardoi : आगामी 22 फरवरी को मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर की तैयारी, बैठक में सभी ने लिया संकल्प
Hardoi : आगामी 22 फरवरी को मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर की तैयारी, बैठक में सभी ने लिया संकल्प

एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें आगामी मेगा शिविर को सफल बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था ने एक साथ मिलकर अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प दोहराया। बैठक की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष रीता कौशिक ने की। इसमें अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और पूर्णकालिक सचिव काव्या सिंह, प्रशासन के नोडल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जनपद न्यायाधीश ने कहा कि यह शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था की शुरुआत है जो हर पात्र व्यक्ति को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार करें, पात्र लोगों की सही पहचान करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखें ताकि कोई जरूरतमंद लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने बताया कि चिन्हित और पंजीकृत सभी लाभार्थियों को 22 फरवरी को होने वाले मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर में उनके अधिकारों से जुड़े लाभ दिए जाएंगे। शिविर में एक ही जगह पर निशुल्क कानूनी सलाह, विधिक सहायता, लोक अदालत, राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 की जानकारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। यह शिविर सभी विभागों के सहयोग से आयोजित होगा। अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप ने कहा कि शिविर की तैयारी का मुख्य उद्देश्य समय और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना है। पहले से पात्र लोगों की पहचान और पंजीकरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और पूर्णकालिक सचिव काव्या सिंह ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लगातार प्रयास है कि कानूनी सेवाएं और सरकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। जब न्याय और योजनाओं तक पहुंच आसान होगी तभी आम नागरिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन पाएगा। जागरूकता शिविर के जरिए यह संदेश है कि न्याय अब सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरतमंदों के घर तक पहुंचेगा। यही मेगा शिविर की मुख्य भावना है।

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