देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डेन लखनऊ में शुरू: 2,269 प्रजातियों के 10,509 गुलाबों से सजा जनेश्वर मिश्र पार्क ।
गोमती नगर विस्तार के जनेश्वर मिश्र पार्क में विकसित किये गये देश के दूसरे सबसे बड़े रोज गार्डेन का शनिवार को रोज फेस्टिवल के साथ रंगारंग
- जनेश्वर मिश्र पार्क में रोज फेस्टिवल के साथ रोज गार्डेन का शुभारंभ
- 15 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डेन
- -गुलाब की 2,269 प्रजातियों एवं 10,509 पौधों से सुसज्जित है यह गार्डेन
गोमती नगर विस्तार के जनेश्वर मिश्र पार्क में विकसित किये गये देश के दूसरे सबसे बड़े रोज गार्डेन का शनिवार को रोज फेस्टिवल के साथ रंगारंग आगाज हुआ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने फीता काटकर रोज गार्डेन का उद्घाटन किया। इस मौके पर अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सी0पी0 त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन में शहर के नागरिकों, कलाकारों, पर्यावरणविदों एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता रही।
जनेश्वर मिश्र पार्क में गेट नंबर-6 के निकट 15 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित यह रोज गार्डेन देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज गार्डेन है। रोज गार्डेन में गुलाब की 2,269 प्रजातियों के कुल 10,509 पौधों को वैज्ञानिक ढंग से रोपित एवं व्यवस्थित किया गया है। रेनबो थीम पर आधारित यह रोज गार्डेन विविध रंगों के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता, समरसता एवं जैव विविधता का सशक्त संदेश देता है।
- ‘पर्यावरण के प्रति प्रेम’ थीम पर केन्द्रित रोज फेस्टिवल
एलडीए द्वारा प्रस्तुत एवं रिपर्टवाहर फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित रोज फेस्टिवल में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन ‘पर्यावरण के प्रति प्रेम’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। रोज गार्डेन परिसर में स्थापित ‘अवेयरनेस टू एक्शन’ पर्यावरण गैलरी में वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण एवं शहरी पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई। मियावाकी पद्धति पर आधारित सघन वृक्षारोपण के जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से तीव्र एवं घनी हरित पट्टी विकसित करने की तकनीक का प्रदर्शन किया गया।
- विशेष संवाद सत्रों में विशेषज्ञों ने रखे विचार
पर्यावरण विषयक संवाद सत्रों का संयोजन फिल्मकार रूडी सिंह द्वारा किया गया। प्रथम सत्र 'Listening to the Earth: Trees, Water and the Stories That Can Still Save Us' में वानिकी विशेषज्ञ डॉ. वी. रामकांथा, संरक्षणवादी रामवीर तनवर एवं अभिनेत्री–पर्यावरणविद तनिषा मुखर्जी ने वन पुनर्स्थापन, जल संरक्षण एवं सामूहिक उत्तरदायित्व पर विचार व्यक्त किए।
द्वितीय सत्र 'Listening to the Future: Young Voices, Climate Truths and the Courage to Act' में बॉलीवुड अभिनेता अमित सियाल, वन्यजीव सलाहकार ईशान शनावास, फिलॉन्थ्रोपिस्ट डॉ. चिनू क्वात्रा एवं जलवायु संचारक उदित गुप्ता ने युवाओं की भूमिका, जलवायु जागरूकता एवं सतत विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
- सांस्कृतिक संध्या में लोक एवं समकालीन संगीत की प्रस्तुति
सांध्यकाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक कलाकार राहीगर ने 'कच्चा घड़ा' एवं 'मेरे गांव में' जैसी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद पॉप-रॉक बैंड नालायक की शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बनाते हुए समां बांध दिया।
- फेस्टिवल में दर्शकों ने उठाया पॉप-अप मार्केट का लुत्फ
फेस्टिवल में आये दर्शकों ने पॉप-अप मार्केट में सस्टेनेबल ब्रांड और हाथ से बने प्रोडक्ट्स का लुत्फ उठाया। इस दौरान कविता, कहानी, इंटरैक्टिव वर्कशॉप एवं ब्रीथ फार्मिंग पहल के अंतर्गत प्रतिभागियों को पौधा वितरण कर वृक्षारोपण हेतु प्रेरित किया गया। रोज फेस्टिवल में एनवायरनमेंटल एक्शन पर जोर दिया गया, सस्टेनेबिलिटी, कम्युनिटी एंगेजमेंट और इकोलॉजिकल अवेयरनेस को बढ़ावा दिया गया, साथ ही कल्चर और आर्ट को मिलाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए ग्रीन भविष्य को इंस्पायर किया गया।
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