Lucknow : योगी सरकार की मंशा के अनुरूप कौशल विकास केंद्रों पर निगरानी, अधिकारियों ने दिया आवश्यक मार्गदर्शन
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार द्वारा चित्रकूट एवं फतेहपुर जनपदों में संचालित मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण
- प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कौशल विकास मिशन का क्षेत्रीय भ्रमण अभियान
- कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु चित्रकूट, फतेहपुर, चंदौली व सोनभद्र में निरीक्षण
लखनऊ : योगी सरकार की जनकल्याणकारी सोच के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के सभी कौशल विकास केंद्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अधिकारियों द्वारा विभिन्न जनपदों में संचालित प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति, गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है।
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार द्वारा चित्रकूट एवं फतेहपुर जनपदों में संचालित मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। चित्रकूट जनपद में GITI शिवरामपुर, प्रोजेक्ट प्रवीण अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज घूरेंटनपुर एवं रामनगर ब्लॉक तथा फतेहपुर जनपद में राजकीय प्रशिक्षण प्रदाता UPICON एवं प्रोजेक्ट प्रवीण अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर मिशन से सहायक प्रबंधक मोहित श्रीवास्तव एवं एस.पी.एम. शिवम त्रिवेदी उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह द्वारा चंदौली एवं सोनभद्र जनपदों के प्रशिक्षण केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। इस दौरान एस.पी.एम. चंदन पांडेय एवं सहायक प्रबंधक के.के. साहनी उपस्थित रहे। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रशिक्षार्थियों की उपस्थिति, उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
क्षेत्रीय भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षण केंद्रों पर संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा करना, नए बैचों की प्रारंभिक स्थिति का आकलन करना तथा प्रशिक्षण की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक ने प्रशिक्षण केंद्रों में स्थापित आधुनिक प्रयोगशालाओं, उपकरणों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, सीखने की प्रक्रिया तथा प्राप्त फीडबैक की जानकारी ली। साथ ही प्रशिक्षार्थियों को उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों, भविष्य की करियर संभावनाओं तथा मिशन के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित आगामी प्रशिक्षण योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
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