डबल मर्डर का खौफनाक सच: जिस हाथ में सजनी थी शादी की मेहंदी, उसी ने प्रेमी के सीने में उतार दी गोली।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और बागपत जिलों को झकझोर देने वाले इस दोहरे हत्याकांड ने रिश्तों की विश्वसनीयता पर एक
- प्यार, साजिश और मौत का त्रिकोण: राखी ने क्यों की होने वाले पति की हत्या? सहारनपुर पुलिस के लिए पहेली बना हत्याकांड
- डूडा प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रांत और प्रेमिका राखी की मौत का सनसनीखेज मामला; भाजपा नेता की तलाश में जुटी पुलिस टीमें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और बागपत जिलों को झकझोर देने वाले इस दोहरे हत्याकांड ने रिश्तों की विश्वसनीयता पर एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। बागपत के डूडा कार्यालय में संविदा पर तैनात प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रांत और उनकी प्रेमिका राखी कश्यप, जो शादी के बंधन में बंधने की तैयारी कर रहे थे, का सफर इतनी खौफनाक मंजिल पर खत्म होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। घटना की कड़ियां तब जुड़नी शुरू हुईं जब सहारनपुर के मिर्जापुर और बड़गांव थाना क्षेत्रों में दो अलग-अलग स्थानों पर एक युवती और एक युवक के शव बरामद हुए। युवती का शव रजबहे में मिला था जिसका गला रेता गया था, जबकि युवक का शव लिंक नहर से मिला जिसे गोली मारी गई थी। शिनाख्त होने पर पता चला कि ये दोनों वही प्रेमी युगल थे जो कुछ दिनों से लापता थे और जिनकी तलाश उनके परिजन कर रहे थे। पुलिस की अब तक की जांच में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह यह है कि विक्रांत की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी प्रेमिका राखी कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। विक्रांत अपनी प्रेमिका पर अटूट विश्वास करता था और शायद इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे मौत के घाट उतारा गया। जांच में यह बात आई है कि राखी ने अपने साथियों के साथ मिलकर विक्रांत को जाल में फंसाया और सुनसान जगह पर ले जाकर उसे पिस्टल से गोली मार दी। विक्रांत की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद उसके शव को नहर में फेंक दिया गया। एक महिला का इस तरह पेशेवर अपराधी की तरह पिस्टल चलाना और अपने ही होने वाले पति की हत्या करना पुलिस प्रशासन के लिए भी शोध का विषय बना हुआ है।
विक्रांत की हत्या के कुछ ही देर बाद इस खूनी खेल में एक नया मोड़ आया। जिस राखी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने प्रेमी का अंत किया था, उसे शायद यह अंदाजा नहीं था कि वह खुद भी एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। जैसे ही विक्रांत का शव ठिकाने लगाया गया, राखी के ही सहयोगियों ने उस पर हमला कर दिया। सबूतों को पूरी तरह मिटाने और भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचने के लिए उन लोगों ने राखी का गला रेतकर उसे भी मौत की नींद सुला दिया। राखी का शव मिर्जापुर क्षेत्र के नौगांवा के पास फेंक दिया गया। यह दोहरा हत्याकांड अब एक ऐसी गुत्थी बन गया है जिसमें हत्यारिन खुद भी शिकार बन गई, जिससे विक्रांत की हत्या के असली कारण को जानना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
भाजपा नेता की संलिप्तता?
इस पूरे मामले में स्थानीय भाजपा नेता सुधारस का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर उभर कर आया है। पुलिस की जांच के अनुसार, सुधारस और राखी के बीच पुराने संबंध थे और आशंका है कि विक्रांत किसी ऐसे राज को जान गया था जिसे सुधारस और राखी छिपाना चाहते थे। फिलहाल सुधारस फरार है और उसकी गिरफ्तारी ही इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है।
इस हत्याकांड में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह बना हुआ है कि आखिर राखी ने विक्रांत की जान क्यों ली? दोनों की शादी तय थी, घर में खुशियों का माहौल आने वाला था, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि राखी ने पिस्टल उठा ली? पुलिस इस दिशा में काम कर रही है कि क्या विक्रांत को राखी और भाजपा नेता सुधारस के बीच के किसी संदिग्ध लेन-देन या संबंधों की जानकारी मिल गई थी। यह भी संभव है कि विक्रांत किसी बड़े सरकारी प्रोजेक्ट में होने वाली अनियमिताओं का विरोध कर रहा हो, जिसमें ये लोग शामिल थे। चूंकि विक्रांत डूडा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पद पर था, इसलिए उसके पास कई गोपनीय फाइलें और वित्तीय रिकॉर्ड्स की पहुंच थी, जो किसी के लिए खतरा बन सकते थे।
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जिसके बयान इस पूरी साजिश की परतें खोल रहे हैं। हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने स्वीकार किया है कि पूरी योजना को बहुत पहले ही तैयार कर लिया गया था। विक्रांत को विश्वास में लेकर उसे बागपत से सहारनपुर की ओर लाया गया था। इस दौरान रास्ते में ही उसे खत्म करने की साजिश थी। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या राखी को डरा-धमकाकर या किसी बड़े लालच में फंसाकर विक्रांत की हत्या के लिए उकसाया गया था। इस बात की भी जांच की जा रही है कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल किसकी थी और वह राखी के हाथ तक कैसे पहुंची। विक्रांत के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि जिस लड़की को वे अपनी बहू बनाने वाले थे, वही उनके बेटे की कातिल निकलेगी। डूडा कार्यालय के कर्मचारी भी विक्रांत की मौत से सदमे में हैं, क्योंकि वह एक मृदुभाषी और अपने काम के प्रति ईमानदार व्यक्ति माना जाता था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में साक्ष्यों का संकलन वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थलों से नमूने लिए हैं और मोबाइल सर्विलांस के जरिए फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। यह मामला अब केवल दो व्यक्तियों की मौत का नहीं रह गया है, बल्कि एक गहरी साजिश का हिस्सा है जिसमें राजनीति और अपराध का गठजोड़ नजर आ रहा है।
Also Read- बहन की मौत का बदला: उदयपुर में साले ने जीजा का अपहरण कर पत्थर से कुचला सिर, जंगल में मिला शव।
What's Your Reaction?









