बहन की मौत का बदला: उदयपुर में साले ने जीजा का अपहरण कर पत्थर से कुचला सिर, जंगल में मिला शव।
उदयपुर के ग्रामीण अंचल में प्रतिशोध की एक ऐसी घटना घटी है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की मर्यादा को झकझोर कर
- शक की आग में जला रिश्ता: जीजा की हत्या कर साला हुआ फरार, 15 किलोमीटर दूर ले जाकर दी दर्दनाक मौत
- उदयपुर हत्याकांड से सनसनी: जीजा को किडनैप कर जंगल में मार डाला, भारी पुलिस बल तैनात, तनाव का माहौल
उदयपुर के ग्रामीण अंचल में प्रतिशोध की एक ऐसी घटना घटी है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की मर्यादा को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक ने अपनी सगी बहन की मृत्यु का जिम्मेदार अपने जीजा को मानते हुए उसे मौत के घाट उतार दिया। यह घटना महज एक हत्या नहीं बल्कि बदले की उस भावना का परिणाम है जो लंबे समय से आरोपी के मन में पनप रही थी। आरोपी को पूरा यकीन था कि उसकी बहन की जान उसके जीजा की वजह से गई है और इसी शक ने उसे अपराधी बना दिया। उसने बड़ी बेरहमी से योजना बनाई और अपने साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और सन्नाटे का माहौल व्याप्त हो गया है। वारदात की शुरुआत तब हुई जब आरोपी ने अपने जीजा को अगवा करने की साजिश रची। दिनदहाड़े हुए इस अपहरण के दौरान ग्रामीणों ने शोर-शराबा सुना और तुरंत हरकत में आए। प्रत्यक्षदर्शियों ने जब युवक को जबरन ले जाते देखा तो उन्होंने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों को आभास हो गया था कि युवक की जान खतरे में है, इसलिए उन्होंने पुलिस से जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें सक्रिय हुईं और संभावित रास्तों पर नाकेबंदी शुरू कर दी गई। हालांकि, आरोपी इतना शातिर था कि उसने मुख्य रास्तों के बजाय उबड़-खाबड़ रास्तों का इस्तेमाल किया ताकि वह पुलिस की पकड़ से दूर रह सके।
अपहरण के बाद आरोपी अपने जीजा को घने जंगल की ओर ले गया, जो घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित था। वहां पहुंचकर आरोपी और उसके साथी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। जंगल के सुनसान इलाके में ले जाकर पहले युवक के साथ मारपीट की गई और फिर एक बड़े पत्थर से उसके सिर पर वार किए गए। सिर कुचलने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर इतने आक्रोश में थे कि उन्होंने तब तक प्रहार करना बंद नहीं किया जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि सामने वाले की सांसें थम चुकी हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे पुलिस के हाथ केवल खाली जंगल और एक लहूलुहान शव लगा। इस मामले में पुलिस का मानना है कि आरोपी ने अपनी बहन की मौत के बाद से ही जीजा के प्रति भारी आक्रोश पाल रखा था। परिवार के बीच चल रहे इस विवाद की जानकारी स्थानीय लोगों को भी थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इसका अंत इतना खौफनाक होगा।
जैसे ही पुलिस की टीम जंगल में पहुंची, वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। मृतक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा था। इस खबर के गांव में फैलते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मृतक के पक्ष के लोग और ग्रामीणों के बीच भारी रोष देखा गया, जिसके चलते कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी विवेक सिंह राव तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्तेजित ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी युवक अपनी बहन की अकाल मृत्यु के बाद से ही काफी परेशान और गुस्से में था। उसे लगता था कि उसकी बहन के ससुराल वालों और विशेषकर उसके जीजा ने उसे प्रताड़ित किया था, जिसके कारण उसकी जान गई। हालांकि, बहन की मौत के मामले में कानूनी प्रक्रिया क्या रही, यह अभी जांच का विषय है, लेकिन भाई ने कानून का इंतजार करने के बजाय खुद ही 'फैसला' सुना दिया। इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ते असंतोष और न्याय प्रणाली पर कम होते भरोसे की ओर इशारा करती हैं, जहां व्यक्ति आवेश में आकर अपराधी बन बैठता है। फिलहाल, उदयपुर पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की हैं और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। डीएसपी ने खुद मोर्चे पर रहकर जांच की कमान संभाली हुई है और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने इकट्ठे किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक सोची-समझी हत्या है, जिसमें अपहरण और हत्या की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। गांव में अभी भी पुलिस की गश्त जारी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति कायम रहे।
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