श्रीगंगानगर में दो साइंस टीचर्स की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2.34 करोड़ की एमडी ड्रग्स बरामद।

Rajasthan News: राजस्थान के श्रीगंगानगर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 जुलाई 2025 को एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए एक रिहायशी....

Jul 10, 2025 - 15:55
 0  120
श्रीगंगानगर में दो साइंस टीचर्स की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2.34 करोड़ की एमडी ड्रग्स बरामद।
श्रीगंगानगर में दो साइंस टीचर्स की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2.34 करोड़ की एमडी ड्रग्स बरामद।

Rajasthan News: राजस्थान के श्रीगंगानगर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 जुलाई 2025 को एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए एक रिहायशी फ्लैट में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में दो साइंस टीचर्स को गिरफ्तार किया गया, जो अपने वैज्ञानिक ज्ञान का दुरुपयोग कर मेफेड्रोन (MD) जैसी खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स बना रहे थे। एनसीबी ने मौके से 780 ग्राम एमडी ड्रग्स और ड्रग्स बनाने के रसायन व उपकरण बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 2.34 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों टीचर्स ने पिछले ढाई महीनों में 15 करोड़ रुपये की 5 किलो एमडी ड्रग्स तैयार कर राजस्थान और पंजाब में सप्लाई की थी। यह कार्रवाई ड्रग्स के अवैध व्यापार के खिलाफ एनसीबी की राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा है।

एनसीबी जोधपुर की जोनल यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रीगंगानगर के रिद्धि-सिद्धि एन्क्लेव स्थित ड्रीम होम्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट में ड्रग्स की गुप्त लैब चल रही है। इस सूचना के आधार पर एनसीबी ने 7 जुलाई 2025 की रात 9:30 बजे योजना बनाई और 8 जुलाई की सुबह फ्लैट नंबर 279 पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान एनसीबी की टीम को अत्याधुनिक लैब मिली, जिसमें ड्रग्स बनाने के लिए आधुनिक उपकरण और खतरनाक रसायन मौजूद थे।

मौके से 780 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स बरामद की गई, जिसकी बाजार कीमत 2.34 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन जैसे एसिटोन, बेंजीन, सोडियम बाइकार्बोनेट, ब्रोमीन, मिथाइलमीन, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, 4-मेथाइल प्रोपियोफेनोन और एन-मेथाइल-2-पाइरोलिडन बरामद हुए। ये रसायन स्कूल और कॉलेज की प्रयोगशालाओं में आसानी से उपलब्ध होते हैं, लेकिन इन्हें अवैध रूप से ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। लैब में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी दिल्ली से मंगवाए गए थे।

  • गिरफ्तार किए गए आरोपी

गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति श्रीगंगानगर के निवासी हैं और पेशे से शिक्षक हैं। उनकी पहचान इस प्रकार है:

मनोज भार्गव (30 वर्ष), रायसिंहनगर के मुकलावा का निवासी, जो 2020 से मुकलावा के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में साइंस शिक्षक के रूप में कार्यरत है।

इंद्रजीत बिश्नोई (36 वर्ष), साधुवाली का निवासी, जो पहले एमडी पब्लिक स्कूल में भौतिकी पढ़ाता था और 2014 से 2024 तक कोचिंग सेंटर में पढ़ाने के साथ-साथ राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की तैयारी कर रहा था।

जांच में पता चला कि दोनों ने यूट्यूब वीडियो और ऑनलाइन सर्च के जरिए एमडी ड्रग्स बनाना सीखा। उन्होंने पहले मेथकैथिनोन नामक ड्रग बनाने की कोशिश की, लेकिन असफल होने पर एमडी ड्रग्स का उत्पादन शुरू किया। दोनों ने दो महीने पहले यह फ्लैट किराए पर लिया था और सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) या स्कूल से छुट्टी लेकर ड्रग्स तैयार करते थे।

  • ड्रग्स का अवैध व्यापार

जांच से खुलासा हुआ कि दोनों टीचर्स ने पिछले ढाई महीनों में 5 किलो एमडी ड्रग्स तैयार की, जिसमें से 4.22 किलो ड्रग्स राजस्थान और पंजाब के युवाओं को सप्लाई की जा चुकी थी। इस ड्रग्स की बाजार कीमत 15 करोड़ रुपये है। एमडी ड्रग्स, जिसे मेफेड्रोन या "म्याऊ-म्याऊ" के नाम से भी जाना जाता है, एक सिंथेटिक उत्तेजक दवा है। इसके सेवन से तत्काल उत्तेजना और खुशी की अनुभूति होती है, लेकिन यह नशे की लत और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करती है।

एनसीबी के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि यह लैब इतनी व्यवस्थित थी कि स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। दोनों टीचर्स ने अपने वैज्ञानिक ज्ञान का इस्तेमाल कर लैब को गुप्त रखा और ड्रग्स की सप्लाई स्थानीय स्तर पर शुरू की। एनसीबी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खरीददारों की तलाश में जुटी है।

यह मामला समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि शिक्षक जैसे सम्मानित पेशे से जुड़े लोग अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए। राजस्थान में एमडी ड्रग्स का नशा तेजी से बढ़ रहा है, खासकर युवाओं में, जिससे अपराध और सामाजिक असुरक्षा का खतरा बढ़ रहा है। एनसीबी ने इस कार्रवाई को ड्रग्स के खिलाफ राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा बताया और नागरिकों से नशे से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर कॉल करने की अपील की। कॉल करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनसीबी ने फ्लैट को सील कर दिया और बरामद रसायनों व उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग शामिल हैं और ड्रग्स की सप्लाई कहां-कहां की गई।

श्रीगंगानगर में दो साइंस टीचर्स द्वारा चलाई जा रही ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ एनसीबी की बड़ी सफलता है। यह मामला समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि शिक्षक जैसे जिम्मेदार लोग इस तरह के अपराध में कैसे शामिल हो सकते हैं। एनसीबी की यह कार्रवाई ड्रग्स के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूत करेगी। नागरिकों को भी सतर्क रहकर ऐसी गतिविधियों की जानकारी साझा करनी चाहिए, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। राजस्थान हाल के वर्षों में एमडी ड्रग्स का उत्पादन और तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है। एनसीबी और अन्य एजेंसियों ने पहले भी जोधपुर, सिरोही, ओसियां और प्रतापगढ़ जैसे क्षेत्रों में ड्रग्स फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। 28 अप्रैल 2024 को सिरोही में 50 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स और जोधपुर के ओसियां में ड्रग्स बनाने का कच्चा माल बरामद हुआ था। श्रीगंगानगर, जो पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है, ड्रग्स तस्करी का एक संवेदनशील क्षेत्र है। केंद्र सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए श्रीगंगानगर सहित 10 शहरों में एनसीबी के नए फील्ड ऑफिस खोलने का फैसला किया है।

Also Read- 40 साल की सौतेली मां को लेकर बेटा हुआ फरार, अब मां-बेटे का रिश्ता भी पवित्र नहीं रहा, कोर्ट में की शादी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।