बुलंदशहर ट्रिपल मर्डर का मुख्य आरोपी जीतू सैनी एनकाउंटर में ढेर, 50 हजार का इनामी बदमाश पुलिस की गोली का बना शिकार।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में कानून और न्याय की व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक बड़े अपराधी का अंत पुलिस मुठभेड़ में हो
- जन्मदिन की पार्टी में तीन हत्याएं करने वाला अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
- पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ट्रिपल मर्डर कांड के फरार मास्टरमाइंड जीतू सैनी का अंत, बुलंदशहर में मुठभेड़ के बाद तोड़ा दम
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में कानून और न्याय की व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक बड़े अपराधी का अंत पुलिस मुठभेड़ में हो गया है। हाल ही में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य आरोपी जीतू सैनी को पुलिस ने एक संक्षिप्त लेकिन भीषण मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। यह घटना जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जहां पुलिस को आरोपी की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिली थी। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। इस पूरी प्रक्रिया में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें उस भयावह रात से जुड़ी हैं, जब एक जन्मदिन की पार्टी खूनी खेल में बदल गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी जीतू सैनी अपने जन्मदिन का जश्न मना रहा था, जिसमें उसके कई दोस्त और परिचित शामिल हुए थे। जश्न के दौरान शराब के नशे और किसी पुरानी रंजिश या तात्कालिक विवाद को लेकर बहस शुरू हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि जीतू सैनी ने आपा खो दिया और वहां मौजूद तीन युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे जिले को दहला कर रख दिया था, क्योंकि जश्न के माहौल में अचानक तीन लाशें गिर जाने से इलाके में दहशत फैल गई थी।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद जीतू सैनी मौके से फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं और तकनीकी निगरानी के जरिए उसका पीछा किया जा रहा था। इस बीच पुलिस ने इस मामले से जुड़े दो अन्य आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, संगीन अपराधों में संलिप्त अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। बुलंदशहर की यह घटना इसी सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है। मुठभेड़ के समय की स्थिति के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी जीतू सैनी किसी अन्य वारदात को अंजाम देने या जिले से बाहर भागने की फिराक में है। जब पुलिस की स्वात टीम और स्थानीय थाना पुलिस ने घेराबंदी की, तो उसने रुकने के बजाय पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे अपराधी की ओर से कई राउंड फायर किए गए, जिससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। जवाबी फायरिंग में आरोपी को गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से पुलिस को अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल पुलिस टीम पर हमला करने के लिए किया गया था। इस एनकाउंटर के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी का पिछला आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह इलाके में अपने खौफ के बल पर अवैध गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश कर रहा था। इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि कानून को हाथ में लेने वाले और सरेआम हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ट्रिपल मर्डर के शिकार हुए तीनों युवकों के परिजनों में इस कार्रवाई के बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। जन्मदिन की उस रात हुए विवाद के पीछे की मुख्य वजह क्या थी, इसकी गहराई से जांच अभी भी जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ी साजिश थी। गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपियों से पूछताछ में भी कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जो इस केस की कड़ियों को जोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फरारी के दौरान किन-किन लोगों ने जीतू सैनी को पनाह दी थी।
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