Sambhal : सम्भल में अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर पर उबाल, हजारों शिया समुदाय का प्रदर्शन
वरिष्ठ कवि डॉ. नसीमुज्जफर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुद्दा केवल शियाओं के नेतृत्व का नहीं, बल्कि दुनिया के नेतृत्व का है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरी दुनिया
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर के विरोध में शिया समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। शहर के सिरसी स्थित इमामबाड़े पर बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की। “कर्बला-कर्बला”, “हैदर-हैदर” और “लब्बैक या हुसैन” के नारों से माहौल गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामनेई के पोस्टर नजर आए और उन्होंने इसे उम्मत के लिए बड़ी क्षति बताया।
इस दौरान वरिष्ठ कवि डॉ. नसीमुज्जफर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुद्दा केवल शियाओं के नेतृत्व का नहीं, बल्कि दुनिया के नेतृत्व का है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूरी दुनिया संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के सामने खामोश खड़ी रहेगी।
उनके मुताबिक खामनेई एक “मुजाहिद” और “सोशलिस्ट विचारधारा” के समर्थक थे, जिन्होंने इंपीरियल ताकतों के सामने झुकने से इनकार किया। डॉ. नसीमुज्जफर ने कहा कि खामनेई को कट्टरपंथी कहे जाने को उन्होंने प्रोपेगेंडा बताया और दावा किया कि उनके नेतृत्व में ईरान ने टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की।
उन्होंने कहा कि खामनेई इंसानी खुद्दारी और स्वाभिमान की बात करते थे और किसी भी तरह की दादागीरी के खिलाफ खड़े थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। आयोजकों ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन श्रद्धांजलि और अपनी भावनाएं व्यक्त करने के उद्देश्य से किया गया।
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