Hardoi News: हरदोई में मृतक आश्रित कोटे से रंजेश और मीरा देवी को सफाई कर्मी पद पर नियुक्ति
दोनों प्रार्थना पत्रों के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकारी/वारिसान प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, आधार कार्ड, शैक्षिक अभिलेख, और शपथ पत्र संलग्न किए गए। उत्तर प्रदेश...
By INA News Hardoi.
हरदोई : उत्तर प्रदेश शासन के मृतक आश्रित भर्ती नियमावली 1974 के तहत हरदोई जिले में दो व्यक्तियों, रंजेश और मीरा देवी, को सफाई कर्मी के पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मृतक सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। ग्राम बीस, पोस्ट सतौथा, विकास खंड हरपालपुर, तहसील सवायजपुर निवासी स्वर्गीय मेमवती, जो सफाई कर्मी थीं, की मृत्यु 20 नवंबर 2024 को हुई।
उनके पति रामसरण ने अपने पुत्र रंजेश के लिए 4 मार्च 2025 को प्रार्थना पत्र देकर मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति का अनुरोध किया। दूसरी ओर, ग्राम राजपुर गौटिया, मजरा झोथूपुर, विकास खंड पिहानी, तहसील शाहाबाद निवासी स्वर्गीय रमाकान्त, जो सफाई कर्मी थे, की मृत्यु 21 जून 2024 को हुई। उनकी पत्नी मीरा देवी ने 25 सितंबर 2024 को प्रार्थना पत्र देकर नियुक्ति की मांग की।
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दोनों प्रार्थना पत्रों के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकारी/वारिसान प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, आधार कार्ड, शैक्षिक अभिलेख, और शपथ पत्र संलग्न किए गए। उत्तर प्रदेश शासनादेश संख्या 8/12/1973, दिनांक 7 अक्टूबर 1974, और कार्मिक अनुभाग-2 की अधिसूचना संख्या 6/12/873, दिनांक 12 अगस्त 1991 के प्रावधानों के तहत रंजेश और मीरा देवी को सफाई कर्मी के पद पर नियुक्ति दी गई। दोनों की नियुक्ति योगदान की तिथि से वेतनमान 5200-20200, ग्रेड पे 1800, और मैट्रिक्स लेवल की कोष्ठिका में 18,000 रुपये मासिक वेतन पर होगी।
रंजेश और मीरा देवी को मुख्य चिकित्साधिकारी, हरदोई के समक्ष शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। साथ ही, उन्हें एक सप्ताह के भीतर जिला पंचायतराज अधिकारी, हरदोई के कार्यालय में योगदान सूचना प्रस्तुत करनी होगी, अन्यथा उनकी नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी। दोनों को मूल वेतन के अतिरिक्त महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते नियमानुसार मिलेंगे। यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है और बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।
दोनों नियुक्त व्यक्तियों को मृतक सरकारी सेवक के उन आश्रित परिवारजनों का भरण-पोषण करना होगा, जो स्वयं का अनुरक्षण करने में असमर्थ हैं और मृत्यु से ठीक पहले उन पर आश्रित थे। इस दायित्व में उपेक्षा या इनकार करने पर उनकी सेवाएं उत्तर प्रदेश (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत समाप्त की जा सकती हैं। योगदान के बाद दोनों की तैनाती के आदेश अलग से जारी होंगे।
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