Sambhal: शंकराचार्य प्रकरण में कांग्रेस का विरोध, पीएम के नाम सौंपा गया ज्ञापन।
प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज कथित पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी
उवैस दानिश, सम्भल
प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज कथित पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सम्भल में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आरिफ तुर्की ने कहा कि प्रयागराज में शंकराचार्य जी के खिलाफ जिस तरह से पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, वह बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल शंकराचार्य बल्कि उनके शिष्यों के खिलाफ भी अनावश्यक एफआईआर दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है, जो लोकतंत्र और कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। आरिफ तुर्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी धर्मगुरु या नागरिक के साथ अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत विरोध की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का इस्तेमाल किसी को डराने या बदनाम करने के लिए नहीं होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। साथ ही, जिन लोगों ने झूठी एफआईआर दर्ज करवाई है, यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार हैं, जिनका उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की और निष्पक्ष न्याय की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द न्याय नहीं मिला तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
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