Hardoi: खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई में पंच सम्मेलन आयोजित
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हरदोई एवं क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र परिसर
हरदोई। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हरदोई एवं क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने प्रतिभाग कर प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त खेती की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय अरोड़ा ने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों के किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती एवं रसायनमुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि हेलो मिक्स और हेलो पीएसपी जैसे बायो फॉर्मूलेशन का उपयोग बीज उपचार, भूमि सुधार तथा गोबर की खाद को समृद्ध बनाने में किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी।
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह ने हरी खाद के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि ढैंचा एवं सनई जैसी फसलें मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं और यूरिया तथा डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को कम करती हैं। कृषि विज्ञान केंद्र की विशेषज्ञ अंजलि साहू ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों की जानकारी देते हुए जीवामृत, घन जीवामृत एवं नीमास्त्र तैयार करने की विधि का प्रदर्शन किया। उन्होंने इनके उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मोहित सिंह, डॉ. त्रिलोकी सिंह, डॉ. टी.एन. राय एवं थन्गा अनसूया ने भी मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।कार्यक्रम में मदारी खेड़ा, ढिकुनी, सिकरौरी, गुढ़वा पट्टी, बरैया, किरला सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने सहभागिता की और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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