Agra : आगरा में कोडीन सिरप के दुरुपयोग पर औषधि विभाग की कार्रवाई
मैसर्स ओरविक लाइफ साइंसेज स्थित एफ-553, कमला नगर, आगरा एवं गोदाम स्थित 32/1/13ए/1, बेसमेंट, तिकोनिया लाल मस्जिद, बाई पास रोड, दयालबाग, आगरा की जांच
प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप और अन्य नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग तथा इनके अवैध खरीद-बिक्री, भंडारण और डायवर्जन को रोकने के लिए की जा रही कार्रवाइयों के क्रम में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के नेतृत्व में मुख्यालय स्तर से गठित टीम ने जनपद आगरा स्थित उन फर्मों की जांच की जिनकी पहले या तो कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्तता पाई गई थी या इनका कोई कनेक्शन फेंसिडिल माफिया देवेंद्र अहूजा से जुड़ा हुआ था।
इसके अलावा उन फर्मों की भी जांच की गई, जिनके यहां नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के संबंध में अन्य प्रदेश की पुलिस द्वारा गिरफ्तारियां की गई थीं। देवेंद्र अहूजा से जुड़ी हुई या पहले कोडीनयुक्त कफ सिरप के विक्रय में संलिप्तता वाली 14 फर्मों की जांच की गई। जांच के समय मैसर्स राजधानी ड्रग हाउस, मैसर्स जीएस मेडिको को छोड़कर अन्य किसी भी फर्म पर कोई भी कोडीनयुक्त कफ सिरप न तो भंडारित पाया गया न ही पिछले दो वर्षों में इनके द्वारा कोडीनयुक्त कफ सिरप से संबंधित किसी भी प्रकार का लेन-देन किया जाना पाया गया। मैसर्स राजधानी ड्रग हाउस एवं मैसर्स जीएस मेडिको पर बहुत कम मात्रा में कफ सिरप भंडारित पाया गया जिसके किसी प्रकार के अवैध विक्रय किये जाने के साक्ष्य नहीं मिले। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित फर्मों की जांच की गई।
मैसर्स ओरविक लाइफ साइंसेज स्थित एफ-553, कमला नगर, आगरा एवं गोदाम स्थित 32/1/13ए/1, बेसमेंट, तिकोनिया लाल मस्जिद, बाई पास रोड, दयालबाग, आगरा की जांच की गई। उस फर्म के मालिक के पारिवारिक जनों की पूर्व फर्म मैसर्स कृष्णा एजेंसीज द्वारा नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के अवैध खरीद-विक्रय में संलिप्तता पाई गई थी, जिसमें पंजाब पुलिस द्वारा पारिवारिक जनों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उस फर्म पर नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं का खरीद-विक्रय एवं भंडारण होता नहीं पाया गया। फर्म से एक संदिग्ध दवा का नमूना जांच एवं विश्लेषण हेतु एकत्र किया गया। मैसर्स अलोसेफ फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड स्थित प्लॉट नंबर एफ-140, सेकंड फ्लोर, नंबर-32ए/एफ-140, कमला नगर, दयालबाग, आगरा। इस फर्म की जनपद आगरा में 8 अन्य सहयोगी कंपनियां हैं जिनमें से 4 फर्म मैसर्स एलोसेफ फार्माकेयर प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स मेडजोन ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स अलोसेफ फार्मास्यूटिकल्स, मैसर्स अमित मेडिकल एजेंसी इसी पते पर स्थित हैं। अन्य फर्म मैसर्स बीएम प्रेम मेडकेयर एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, मार्बल प्लाजा, संजय प्लेस, आगरा में स्थित है, मैसर्स मेडजोन फार्मास्यूटिकल्स, रमन टावर, संजय प्लेस, आगरा पर स्थित है, मैसर्स अमित मेडिसिन कॉर्नर, गोगिया मार्केट, फव्वारा, आगरा में स्थित है। इसके अतिरिक्त अन्य एक फर्म मैसर्स कार्तिक मेडिकल स्टोर, जो कि फुटकर विक्रेता फर्म है, बीएम हॉस्पिटल, कमला नगर, आगरा में स्थित है।
इन कंपनियों के चार गोदाम भी हैं जिनमें से तीन गोदाम बीएम प्रेम मेडकेयर एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स अलोसेफ फार्मास्यूटिकल्स तथा मैसर्स अमित मेडिकल एजेंसी, खसरा नंबर-50, मौजा कलवारी, सिकंदरा, आगरा में स्थित हैं तथा एक अन्य गोदाम मेडजोन फार्मास्यूटिकल्स, मार्बल प्लाजा, संजय प्लेस, आगरा में स्थित है। रिटेल फर्म को छोड़कर अन्य सभी फर्म एवं गोदामों की जांच की गई, जिनमें से कई फर्मों में बहुत कम व्यापार किया जा रहा है। यह भी संज्ञान में आया कि मैसर्स एलोसेफ फार्माकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विक्रेत Kenacort-40 Inj. राजस्थान में स्प्यूरियस पाया गया। इस दवा को मैसर्स अलोसेफ फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मैसर्स जय श्री राम फार्मा, फाउंटेन, आगरा से खरीद कर मैसर्स एलोसेफ फार्माकेयर प्राइवेट लिमिटेड को विक्रय किया गया था।
इस दवा को मिलाकर मौके से सभी गोदामों से मिलाकर कुल 5 संदिग्ध दवाओं के नमूने एकत्र किये गये। स्प्यूरियस दवा के संबंध में अंतिम विवेचना जारी है। मैसर्स माधव कृपा एजेंसी, शॉप नंबर-2, थर्ड फ्लोर, प्रॉपर्टी नंबर-14/22/1-10, गोल्डन पैलेस, हॉस्पिटल रोड, फाउंटेन, आगरा की भी जांच की गई। जांच के दौरान कोल्ड तापमान (रेफ्रिजरेटर अथवा कोल्ड रूम में) में भंडारित किये जाने वाली दवाएं Abhaytox-0.5 ml Inj. B/N- KN25035, Abhaytox-0.5 ml Inj. B/N- KN25069, Abhaytox-0.5 ml Inj. B/N- KN25070, Syntocinon inj. B/N- 25044SP बिना कोल्ड चैन मेंटेन किये भंडारित पाई गईं, जिन्हें रूपये-15 पर अंतिम आदेश तक सीजन करने हेतु रोका गया। तत्सम में क्षेत्रीय औषधि निरीक्षक द्वारा नियमानुसार अंतिम कार्रवाई की जाएगी। उपरोक्त की गई समस्त जांचों में लाइसेंस की शर्त के अनुपालन के संबंध में औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विशेष) के स्तर से नियमानुसार अंतिम कार्रवाई की जाएगी।
Also Click : Hardoi : मुख्य विकास अधिकारी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में बन रहे 50 बेड ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण किया
What's Your Reaction?