Lakhimpur : गीली लकड़ी से जल रहे अलाव, शीतलहर के बीच धौरहरा नगर पंचायत की लापरवाही से लोग परेशान
पंचायत कर्मचारी थोड़ी गीली लकड़ी और धान की भूसी में डीजल डालकर आग जलाते हैं, कुछ देर फोटो खींचते हैं और फिर अलाव बुझ जाता है। ऐसा लगता
लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा नगर पंचायत क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर जारी है, लेकिन शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अलाव जलाने की व्यवस्था बेहद खराब है। शासन ने सार्वजनिक स्थलों पर नियमित और समय पर अलाव जलाने तथा जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के आदेश दिए थे, लेकिन यहां यह काम सिर्फ कागजों पर ही दिख रहा है। पिछले कई दिनों से तराई क्षेत्र में तेज ठंड पड़ रही है। नगर पंचायत प्रशासन अलाव जलाने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में गीली और हरी लकड़ियां इस्तेमाल की जा रही हैं। इससे आग की बजाय ज्यादा धुआं निकलता है, जिससे राहगीरों और आसपास बैठे लोगों को राहत के बजाय और परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार पंचायत कर्मचारी थोड़ी गीली लकड़ी और धान की भूसी में डीजल डालकर आग जलाते हैं, कुछ देर फोटो खींचते हैं और फिर अलाव बुझ जाता है। ऐसा लगता है कि ठंड से बचाव से ज्यादा औपचारिकता पूरी करने पर जोर है। नगर पंचायत के 17 वार्डों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए सिर्फ दो वाहनों से अलाव की व्यवस्था की गई है, जो पूरी तरह नाकाफी है। अलाव जलाने का समय सुबह 10 बजे और रात 8 बजे के बाद रखा गया है, जो अव्यवहारिक है क्योंकि ठंड का असर सुबह तड़के और देर रात सबसे ज्यादा होता है।
इस व्यवस्था को लेकर कई सभासद नाराज हैं। उन्होंने अलाव जलाने का समय बदलने और वाहनों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अधिशासी अधिकारी को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो ठंड से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। अब देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी शासन के निर्देशों का पालन कर वास्तविक राहत पहुंचाते हैं या यह व्यवस्था सिर्फ दिखावे तक सीमित रहती है।
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